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महिला हॉकी विश्व कप 1974 से अब तक भारत का लंबा सफर, संघर्ष के बाद बढ़ी उम्मीदें

10 Aug, 2026 16

भारत की महिला हॉकी टीम विश्व कप में एक लंबे और उतार-चढ़ाव भरे सफर से गुजर चुकी है। भारतीय महिला टीम ने पहली बार 1974 में विश्व कप में हिस्सा लिया था। इसके बाद टीम कई बार इस बड़े टूर्नामेंट में पहुंची, लेकिन लगातार अच्छे नतीजे हासिल करना आसान नहीं रहा। कई टूर्नामेंट में भारत को शुरुआती दौर में ही बाहर होना पड़ा, जबकि कुछ मौकों पर टीम ने अच्छा प्रदर्शन भी किया। महिला हॉकी को लंबे समय तक पुरुष हॉकी जितनी पहचान और सुविधाएं नहीं मिल पाईं। इसके बावजूद खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी जगह बनाने की कोशिश जारी रखी। 1974 से शुरू हुआ यह सफर अब 2026 विश्व कप तक पहुंच चुका है और इस बार टीम से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है।

1974 के बाद भारत ने 1978 और 1983 के विश्व कप में भी हिस्सा लिया। इसके बाद टीम को कई बार विश्व कप के लिए क्वालीफाई करने में परेशानी हुई। 1998 के विश्व कप में भारत का प्रदर्शन खास नहीं रहा और टीम को सभी मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद 2006 और 2010 में भारत ने विश्व कप में वापसी की। 2014 में टीम विश्व कप के लिए क्वालीफाई नहीं कर सकी, लेकिन 2018 में फिर टूर्नामेंट में पहुंची। 2018 में भारत ने एक मैच जीता, तीन मुकाबले बराबरी पर खत्म किए और एक मैच गंवाया। इससे टीम के प्रदर्शन में धीरे-धीरे सुधार दिखाई देने लगा। हालांकि विश्व कप में भारत अभी तक पदक जीतने में सफल नहीं हुआ है।

2022 का विश्व कप भारतीय महिला हॉकी के लिए एक अहम टूर्नामेंट रहा। भारत ने उस प्रतियोगिता में छह मुकाबले खेले, जिसमें एक जीत, तीन बराबरी और दो हार मिलीं। टीम टूर्नामेंट में पदक तक नहीं पहुंच सकी, लेकिन उसके प्रदर्शन में कुछ सकारात्मक बातें देखने को मिलीं। इस दौरान भारतीय महिला हॉकी टीम ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान मजबूत करने की कोशिश की। खिलाड़ियों के लिए बेहतर प्रशिक्षण, ज्यादा अंतरराष्ट्रीय मुकाबले और घरेलू प्रतियोगिताओं के मौके बढ़े। महिला हॉकी इंडिया लीग की शुरुआत ने भी खिलाड़ियों को बड़े स्तर पर खेलने का अनुभव दिया है। अब टीम के पास पहले की तुलना में ज्यादा अंतरराष्ट्रीय अनुभव और बेहतर तैयारी का मौका है।

अब नजर 2026 महिला हॉकी विश्व कप पर है। इस बार विश्व कप 15 से 30 अगस्त तक नीदरलैंड और बेल्जियम में खेला जाएगा। भारत ने विश्व कप के लिए क्वालीफाई कर लिया है और अपना पहला मुकाबला 16 अगस्त को चीन के खिलाफ खेलेगा। भारत को ग्रुप डी में चीन, दक्षिण अफ्रीका और इंग्लैंड के साथ रखा गया है। भारतीय टीम टूर्नामेंट से पहले अपनी तैयारी मजबूत कर रही है। टीम ने यूरोप में अभ्यास मुकाबले भी खेले हैं और खिलाड़ियों का ध्यान फिटनेस, गोलकीपिंग और टीम के खेल को बेहतर करने पर है।

1974 से 2022 तक का सफर बताता है कि भारतीय महिला हॉकी टीम ने कई मुश्किल दौर देखे हैं, लेकिन टीम ने हार नहीं मानी। अब 2026 विश्व कप में भारत के सामने खुद को पहले से बेहतर साबित करने का मौका है। टीम का लक्ष्य सिर्फ टूर्नामेंट में हिस्सा लेना नहीं, बल्कि मजबूत प्रदर्शन करना होगा। महिला हॉकी में बढ़ते अवसर, घरेलू लीग और अंतरराष्ट्रीय अनुभव से खिलाड़ियों को फायदा मिल सकता है। अब देखना होगा कि 16 अगस्त को चीन के खिलाफ होने वाले पहले मुकाबले से भारतीय टीम अपने विश्व कप अभियान की शुरुआत कैसी करती है और क्या इस बार टीम इतिहास में पहली बार विश्व कप पदक के करीब पहुंच पाती है।

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