अब जिनपिंग से भीख मांगेगा पाकिस्तान
संवाददाता/in24 न्यूज़.
पाकिस्तान की हालत इतनी ज्यादा खराब है कि उसे कटोरा लेकर भीख मांगने के बाद भी भीख नहीं मिल रही है इसलिए अब उसके सामने जिनपिंग का ही सहारा रह गया है. भारतीय संविधान में कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को निष्प्रभावी किए जाने के बाद भले ही पाकिस्तान घड़ियाली आंसू बहा रहा हो, लेकिन पड़ोसी देश की असली परेशानी उसकी आर्थिक बदहाली है. अगस्त 2018 में इमरान खान के सत्ता संभालने के बाद से आर्थिक मोर्चे पर पाक बुरी तरह फंस गया है. विकास दर जमीन पर आ गई है तो महंगाई आसमान पर है. UNCTAD ट्रेड ऐंड डिवेलपमेंट रिपोर्ट 2019 में कहा गया है कि आर्थिक रूप से पाकिस्तान इन दिनों बहुत बुरे दौर से गुजर रहा है. विकास की रफ्तार थम सी गई है तो पेमेंट बैलेंस भी बिगड़ चुका है. पाकिस्तानी रुपये का मूल्य तेजी से गिर रहा है तो विदेशी कर्ज का बोझ असहनीय होता जा रहा है. चीन, सऊदी अरब और आईएमएफ के लोन से तात्कालिक कुछ राहत मिल सकती है, लेकिन संकट बरकरार है. पाकिस्तान की असलियत से ज्यादा मुल्क परिचित हैं इसलिए उसकी मदद नहीं की जा रही है. आज भारत के समक्ष पाकिस्तान की हैसियत इसी बात से समझी जा सकती है कि उसे भीख मांगने की ज़रूरत पड़ रही है और भारत है जिससे ज्यादातर मुल्क दोस्ती को मजबूत करना चाहते हैं.