मुंबई में हो सकती है पानी की किल्लत, झीलों में बचा सिर्फ इतना प्रतिशत पानी
संवाददाता/ in24न्यूज़
जून की शुरुआत हो गई लेकिन मुंबईकरों को अब तक भीषण गर्मी से राहत नहीं मिली है। एक ओर जहां गर्मी कम नहीं हुई तो वहीं दूसरी ओर मुंबई में मानसून ने अब तक दस्तक नहीं दिया है। जिसके कारण मुंबईकरों को जल्द ही पानी की समस्या से जूझना पड़ सकता है। क्योंकि मुंबईकरों की प्यास बुझाने वाली सभी सात झीलों में अब केवल 10.90 प्रतिशत यानी 1 लाख हजार लीटर पानी ही बचा हुआ है। मुंबई में अगर बारिश आने में देरी हुई तो पानी की किल्ल्त हो सकती है। बीएमसी अधिकारी के अनुसार, यदि मुंबई में जल्दी बारिश नहीं हुई तो मुंबईकरों को पानी की कटौती का सामना करना पड़ सकता है। बीएमसी अधिकारी ने बताया कि मुंबई में मानसून आने में लगभग 1 हफ्ता लगेगा। एक हफ्ते बाद झीलों में सिर्फ 8 प्रतिशत पानी ही रह जाएगा। झीलों में जब 8 प्रतिशत पानी रह जाएगा तब बीएमसी प्रशासन पानी कटौती को लेकर विचार करेगा।
मौसम विभाग के अनुसार इस बार मुंबई में मानसून देर से आ सकता है। इस वजह से बीएमसी प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। मोडक सागर, तानसा, विहार, तुलसी, मध्य वैतरणा, भातसा, अपर वैतरणा से हर दिन 3850 एमएलडी पानी की आपूर्ति होती है। इस समय इन झीलों में बचे हुए पानी की बात करें तो इन झीलों में सिर्फ 157814 एमएलडी पानी का स्टॉक रह गया है, जो पिछले तीन सालों में सबसे कम है। झीलों में पानी स्टॉक की बात करें तो अपर वैतरणा झील में एक भी प्रतिशत पानी नहीं रह गया है, तो वहीं मोडक सागर में 24% , तानसा में 22%, मध्य वैतरणा में 13%, भातसा में 8%, विहार में 25% और तुलसी में 30 प्रतिशत पानी का स्टॉक बचा हुआ है। इस वजह से बीएमसी प्रशासन की चिंता बढ़ गई है।