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अमिताभ पर कार्रवाई ?

10 Apr, 2020 1104
संवाददाता/in24न्यूज़. कोरोना जैसी महामारी के खिलाफ पूरे देश में जहां लॉक डाउन है, तो वहीं दूसरी तरफ बेवजह घरों से निकलने वालों पर पुलिस की कार्रवाई भी जारी है लेकिन मुंबई में जिस तरह दीवान हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड के वाधवान परिवार को संचार बंदी के दौरान महाबलेश्वर जाने की अनुमति महाराष्ट्र के गृह मंत्रालय के प्रधान सचिव अमिताभ गुप्ता ने प्रदान की, उस पर सियासत उबाल मारने लगा है. इसी के मद्देनजर आईपीएस अधिकारी अमिताभ गुप्ता को अवकाश पर भेज दिया गया है और महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से बातचीत के बाद इस पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं.  ज्ञात हो कि यस बैंक घोटाले से जुड़े वाधवान परिवार के 23 लोग महाबलेश्वर में हिरासत में लिए गए हैं बुधवार की शाम को खंडाला से वे अपने कार में सवार होकर महाबलेश्वर पहुंचे थे. जब पुलिस ने उन्हें रोककर उनसे पूछताछ की तो उन्होंने मेडिकल इमरजेंसी का बहाना बताया था. वाधवान परिवार के पास महाराष्ट्र के प्रधान सचिव विशेष अमिताभ गुप्ता का जारी किया गया लेटर उनके पास था जिसमें उन्हें महाबलेश्वर जाने की इजाजत दी गई थी​​​​​​​.
इस मामले में मुंबई के प्रख्यात आरटीआई एक्टिविस्ट अनिल गलगली ने आरोप लगाते हुए कहा है कि महाराष्ट्र सरकार और पुलिस उन लोगों को अनुमति नहीं देती है जिनकी घर पर मृत्यु हो चुकी होती है या पारिवारिक सदस्य सीरियस होता है बल्कि उन्हें यह सलाह दी जाती है कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग द्वारा अंतिम संस्कार का दर्शन कर ले. आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली ने आरोप लगाया है कि वाधवान जैसे वीवीआइपी को खुली छूट क्यों दी गई ? अनिल गलगली का यह भी आरोप है कि आम लोगों को एक न्याय और वीवीआईपी के लिए अलग न्याय यह सरासर गलत है जबकि जिन्हें वास्तव में बाहर जाने की आवश्यकता हो, उन्हें ही अनुमति प्रदान की जानी चाहिए. गृह विभाग के प्रधान सचिव अमिताभ गुप्ता ने अपने पद का दुरुपयोग किया और यह साबित कर दिया कि सरकार और पुलिस प्रशासन किसके लिए काम कर रही है ऐसा आरोप आरटीआई एक्टिविस्ट अनिल गलगली ने लगाया. अनिल गलगली ने सरकार से यह मांग की है कि अमिताभ गुप्ता द्वारा जारी किए गए पत्र और बाद में 2 दिनों के उनके मोबाइल सीडीआर की जांच होनी चाहिए ताकि सच्चाई का पता लगाया जा सके. आपको बता दें यस बैंक में हुए घोटाले और पीएमसी बैंक घोटाले में वाधवान बंधुओं पर संगीन आरोप है फिलहाल सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय द्वारा महाराष्ट्र की सांगली पुलिस को इस पूरे मामले की जानकारी दे दी गई है और उनसे यह भी गुजारिश की गई है कि सांगली में क्वारंटीन किए गए वाधवान परिवार को क्वारंटीन के बाद जाने नहीं दिया जाए. कुल मिलाकर महाराष्ट्र के गृह मंत्रालय में कार्यरत बतौर प्रधान सचिव अमिताभ गुप्ता द्वारा वाधवान परिवार के लिए महाबलेश्वर जाने का अनुमति पत्र जांच के अधीन है और इस पर अटकलों का बाजार इस बात को लेकर गर्व है अमिताभ गुप्ता के खिलाफ हो रही जांच में यदि वे दोषी पाए गए तो उनके खिलाफ बड़ी कार्रवाई की जा सकती है
 

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