मुंबई हमले के मास्टरमाइंड तहव्वुर राणा की कनाडाई नागरिकता की जाएगी रद्द !
कनाडा सरकार ने मुंबई में 26/11 आतंकी हमले के मास्टरमाइंड तहव्वुर हुसैन राणा की नागरिकता रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह कदम कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की 26 फरवरी को होने वाली भारत यात्रा से पहले उठाया गया है। इससे पहले, जस्टिन ट्रूडो सरकार के कार्यकाल में भारत-कनाडा संबंध तनावपूर्ण थे, लेकिन अब नई कार्नी सरकार संबंधों को सुधारने की कोशिश कर रही है।
पाकिस्तान में जन्मे राणा वर्तमान में भारत में हिरासत में हैं और उन पर 2008 में पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैबा द्वारा किए गए मुंबई आतंकी हमलों के सिलसिले में मुकदमा चल रहा है। पिछले साल 10 अप्रैल को, भारत की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने अमेरिका से प्रत्यर्पण के बाद राणा को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया था। उन्हें लॉस एंजिल्स से एक विशेष विमान से नई दिल्ली लाया गया था।
कनाडा के आव्रजन, शरणार्थी और नागरिकता विभाग (आईआरसीसी) ने राणा को सूचित किया है कि उनकी 2001 में प्राप्त कनाडाई नागरिकता रद्द की जा सकती है। 65 वर्षीय तहाव्वुर राणा 1997 में कनाडा में आकर बस गए थे। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, कनाडाई सरकार द्वारा की गई यह कार्रवाई आतंकवाद के आरोपों के कारण नहीं बल्कि गलत सूचना के आधार पर की गई है।
आईआरसीसी के अनुसार, राणा ने 2000 में नागरिकता के लिए आवेदन करते समय अपने कनाडाई निवास के बारे में गलत जानकारी दी थी। रिपोर्ट के मुताबिक, राणा ने दावा किया था कि वह चार साल तक ओटावा और टोरंटो में रहे और उस दौरान केवल छह दिन ही देश से बाहर गए थे। हालांकि, रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (आरसीएमपी) की जांच से पता चला कि उन्होंने अपना अधिकांश समय शिकागो में बिताया, जहां उनके कई घर और व्यवसाय थे। विभाग ने उन पर गंभीर और जानबूझकर धोखाधड़ी का आरोप लगाया है।
31 मई, 2024 को लिखे एक पत्र में, आईआरसीसी ने राणा को सूचित किया कि उन्हें गलत जानकारी के आधार पर नागरिकता प्रदान की गई थी। यह मामला अब कनाडा की संघीय अदालत के समक्ष है, जो यह तय करेगी कि नागरिकता झूठ या धोखाधड़ी के माध्यम से प्राप्त की गई थी या नहीं। राणा के वकीलों ने इस फैसले को गलत और उनके अधिकारों का उल्लंघन बताया है।