बांद्रा के गरीब नगर में रेलवे की बड़ी कार्रवाई, 94 अवैध घरों पर चला बुलडोजर
मुंबई के बांद्रा ईस्ट स्थित गरीब नगर में रेलवे ने एक बार फिर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी है। पश्चिम रेलवे की ओर से रेलवे की जमीन पर बने बचे हुए 94 अवैध घरों को हटाया जा रहा है। खास बात यह है कि मई 2026 में हुई बड़ी तोड़फोड़ के दौरान इन घरों को जानबूझकर नहीं हटाया गया था, क्योंकि इनमें रहने वाले पात्र परिवारों के पुनर्वास की व्यवस्था की जानी थी। अब सभी प्रभावित परिवारों को वैकल्पिक आवास आवंटित करने और उनके नए घरों का कब्जा सौंपने के बाद रेलवे ने इन निर्माणों को हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
दरअसल, गरीब नगर में रेलवे की जमीन पर लंबे समय से अतिक्रमण की समस्या बनी हुई थी। इसे हटाने के लिए मई 2026 में बड़े स्तर पर अभियान चलाया गया था। हालांकि, उस दौरान 94 घरों को कार्रवाई से बाहर रखा गया था। रेलवे ने स्पष्ट किया था कि इन घरों में रहने वाले पात्र परियोजना प्रभावित परिवारों यानी पीएपी (PAP) के पुनर्वास की व्यवस्था पूरी होने के बाद ही इन्हें हटाया जाएगा।
अब मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (MMRDA) ने इन सभी 94 पात्र परिवारों को स्थायी वैकल्पिक आवास आवंटित कर दिया है। साथ ही, उन्हें उनके नए घरों का कब्जा भी सौंप दिया गया है। पुनर्वास की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पश्चिम रेलवे ने शेष अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, यह कार्रवाई बॉम्बे हाईकोर्ट के 23 अक्टूबर 2026 के आदेश के अनुपालन में की जा रही है। हाईकोर्ट ने संबंधित याचिका का निपटारा करते हुए पात्र प्रभावित परिवारों को एक सप्ताह के भीतर जगह खाली करने का निर्देश दिया था। इसके साथ ही रेलवे को अगले 48 घंटे के भीतर अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई करने का आदेश दिया गया था। इसी के तहत रेलवे प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है।
हालांकि, इस अभियान का उद्देश्य केवल रेलवे की जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराना नहीं है, बल्कि बांद्रा टर्मिनस के पूर्वी हिस्से में रेलवे के बुनियादी ढांचे का विस्तार करना भी है। रेलवे यहां एकीकृत रेलवे परिसर विकसित करने की योजना पर काम कर रहा है। इसके तहत प्लेटफॉर्म नंबर 8 का निर्माण किया जाएगा। साथ ही ट्रेनों को खड़ा करने की क्षमता बढ़ाने और उनके रखरखाव से जुड़ी सुविधाओं को मजबूत करने की योजना है।
इसके अलावा यात्रियों की आवाजाही आसान बनाने के लिए बेहतर आवागमन व्यवस्था, ठहरने की जगह और अन्य जरूरी यात्री सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। कुछ सहायक रखरखाव सुविधाओं को दूसरी जगह स्थानांतरित करने की योजना भी प्रस्तावित है।
रेलवे का मानना है कि इन विकास कार्यों के पूरा होने से बांद्रा टर्मिनस की यात्री क्षमता बढ़ेगी और ट्रेनों के संचालन एवं रखरखाव में भी सुधार होगा। कुल मिलाकर, गरीब नगर के शेष 94 घरों को हटाने के साथ ही बांद्रा टर्मिनस के पूर्वी हिस्से में प्रस्तावित रेलवे विकास परियोजनाओं को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हो गया है।