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महाराष्ट्र में मिलावटी और असुरक्षित मसालों के कारोबार पर एफडीए का बड़ा प्रहार, करीब 20 करोड़ रुपये का माल जब्त

30 Oct, 2026 25

महाराष्ट्र में मिलावटखोरी और असुरक्षित खाद्य पदार्थों के खिलाफ अन्न एवं औषधि प्रशासन यानी एफडीए ने मसाला कारोबारियों पर अब तक की बड़ी कार्रवाई की है। राज्यभर में चलाए गए विशेष जांच अभियान के दौरान प्रशासन ने करीब 19 करोड़ 70 लाख रुपये कीमत के मसाले और मसालेजन्य उत्पाद जब्त किए हैं। वहीं, नियमों का उल्लंघन करने वाले 84 खाद्य कारोबारियों के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं। इस कार्रवाई से राज्य के मसाला कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।

एफडीए की ओर से 1 अप्रैल से 29 अक्टूबर 2026 तक महाराष्ट्र के सभी सात प्रशासनिक विभागों में विशेष जांच अभियान चलाया गया। इस दौरान मसालों से जुड़े कुल 1,057 प्रतिष्ठानों की जांच की गई और 1,616 नमूने एकत्र किए गए। जांच में खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कारोबारियों को 557 सुधार नोटिस जारी किए गए, जबकि 84 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित किए गए।

इस पूरी कार्रवाई में सबसे बड़ा आंकड़ा जब्त किए गए मसालों का है। एफडीए ने कुल 11 हजार 963.87 क्विंटल मसाले और मसालेजन्य उत्पाद जब्त किए हैं। इनकी अनुमानित बाजार कीमत 19 करोड़ 69 लाख 51 हजार रुपये बताई गई है।

लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई में छत्रपति संभाजीनगर विभाग सबसे आगे रहा। यहां 27 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित किए गए। इसके अलावा पुणे और अमरावती में 14-14, बृहन्मुंबई और कोंकण में 12-12, नासिक में 8 और नागपुर में 7 प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की गई।

वहीं, जब्त किए गए मसालों की कीमत के मामले में भी छत्रपति संभाजीनगर विभाग पहले स्थान पर रहा। यहां 6 करोड़ 42 लाख 77 हजार रुपये का माल जब्त किया गया। पुणे में 3 करोड़ 99 लाख 53 हजार और कोंकण विभाग में 3 करोड़ 19 लाख 25 हजार रुपये के मसाले जब्त किए गए।

इस अभियान का सबसे अहम पहलू 23 से 29 अक्टूबर के बीच चलाया गया सात दिवसीय विशेष अभियान रहा। इस दौरान महज सात दिनों में 472 प्रतिष्ठानों की जांच की गई और 783 नमूने लिए गए। इस अवधि में 72 खाद्य कारोबारियों के लाइसेंस निलंबित किए गए और करीब 13 करोड़ 60 लाख रुपये का मसाला स्टॉक जब्त किया गया। यानी पिछले सात महीनों में हुई कुल 84 लाइसेंस निलंबन की कार्रवाइयों में से 72 कार्रवाई सिर्फ एक सप्ताह में की गईं।

नमूनों की जांच रिपोर्ट के मुताबिक, अब तक 337 नमूने निर्धारित मानकों के अनुरूप पाए गए हैं। वहीं, 9 नमूने मानकों पर खरे नहीं उतरे, 6 असुरक्षित और 18 गलत लेबलिंग वाले पाए गए हैं। हालांकि, अभी 1,053 नमूनों की विश्लेषण रिपोर्ट आना बाकी है।

इसके अलावा चार मामलों का निपटारा 1 लाख 47 हजार रुपये के जुर्माने के साथ किया गया है। 13 मामलों में न्यायनिर्णय की प्रक्रिया शुरू की गई है, जबकि एक मामला अदालत में लंबित है, एफडीए ने स्पष्ट किया है कि मसाला निर्माताओं और कारोबारियों के लिए खाद्य सुरक्षा नियमों, स्वच्छता और गुणवत्ता मानकों का पालन अनिवार्य है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

वहीं, प्रशासन ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे मसाले खरीदते समय सतर्क रहें। हमेशा विश्वसनीय दुकानों से ही मसाले खरीदें और पैकेट पर एफएसएसएआई लाइसेंस नंबर, पैकिंग की तारीख, बैच नंबर और अन्य जरूरी जानकारियों की जांच जरूर करें।

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