दस लाख रोहिंग्याओं को नहीं संभाला गया तो मच जाएगा कोहराम
संवाददाता/in24 न्यूज़.
कोरोना वायरस के जानलेवा खतरे को देखते हुए अगर दस लाख रोहिंग्याओं को नहीं संभाला गया तो मच जाएगा कोहराम मच जाएगा। बता दें कि विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि बांग्लादेश के कॉक्स बाजार में भीड़ और तंग शिविरों में रहने वाले 10 लाख से ज्यादा रोहिंग्या कोरोना संक्रमण की चपेट में हैं. उनका कहना है कि 2017 में ये शरणार्थी यहां आये थे. अन्य देशों में जहां जनता को दो मीटर (छह फीट) दूर रहने को कहा जा रहा है, यहां लगभग 600,000 रोहिंग्या बड़ी बुरी हालत में हैं. प्रत्येक झोपड़ी बमुश्किल 10 वर्ग मीटर (12 वर्ग गज) है और वे 12 लोग एक साथ रहते हैं. एक कार्यकर्ता ने कहा कि ये लोग इतने पास पास रहते हैं कि अपने अगले दरवाजे वाले पड़ोसी की सांस की आवाज तक सुन सकते हैं. शिविरों में सोशल डिस्टेंसिंग लगभग असंभव है. बांग्लादेश में अब तक 50 कोरोना वायरस मामलों का पता चला है. दुनियाभर में लोगों को जहां मास्क और सेनिटाइजर का इस्तमाल करने के लिए कहा जा रहा है, इसके पार ऐसा कोई साधन नहीं है. रोहिंग्या कोरोना वायरस के बारे में बमुश्किल जानते हैं क्योंकि सरकार ने शरणार्थियों पर शिकंजा कसने के उपायों के तहत पिछले साल के आखिर से उनकी इंटरनेट तक पहुंच को बंद कर दिया था. अधिकारियों ने कहा कि हालांकि आशंका बढ़ गई है, क्योंकि पिछले हफ्ते भारत से लौटे चार रोहिंग्या परिवार संयुक्त राष्ट्र के एक ट्रांजिट सेंटर में परीक्षण के लिए गए थे.