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मणिपुर में आर्मी कैंप धंसने से 30-40 से ज्यादा जवान मिट्टी में दबे, अब तक छह लाशें निकाली गईं

30 Jun, 2022 609

संवाददाता/in24 न्यूज़.
भारी बारिश की की वजह से मणिपुर में लैंडस्लाइड की घटनाएं सामने आ रही हैं। लगातार बारिश की वजह से बुधवार रात नोनी जिले के तुपुल रेलवे स्टेशन के पास हुए लैंडस्लाइड की चपेट में 107 टेरिटोरियल आर्मी का कैंप आ गया। इस हादसे में दर्जनों जवान मिट्टी में दब गए। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब तक 7 जवानों के शव बाहर निकाले जा चुके हैं। वहीं कई आर्मी के जवान अब तक मिट्टी में दबे हुए हैं। बताया जा रहा है कि 30-40 से ज्यादा जवाब अभी दबे हुए हैं। वहीं मणिपुर के मुख्यमंत्री बीरेन सिंह इसे लेकर एक इमरजेंसी बैठक बुलाई है। लैंडस्लाइड की वजह से बड़े पैमाने पर मलबा गिरने के कारण इजेई नदी अवरुद्ध हो गई है, जिससे एक जलाशय बन गया है जो निचले इलाकों को जलमग्न कर सकता है। नोनी के डिप्टी कमिश्नर ने इसको लेकर एक एडवाइजरी जारी की है। इसमें कहा गया है कि टुपुल यार्ड रेलवे निर्माण शिविर में हुए दुर्भाग्यपूर्ण भूस्खलन के कारण 50 से अधिक लोग मलबे के अंदर दब गए हैं। इजेई नदी का प्रवाह भी मलबे से बाधित हो गया है, भंडारण की स्थिति अगर भंग हुई तो नोनी जिला मुख्यालय के निचले इलाकों में कहर बरपाएगा। खबर के मुताबिक जिरीबाम को इंफाल से जोड़ने के लिए एक रेलवे लाइन का निर्माण हो रहा था। इसकी सुरक्षा के लिए 107 टेरिटोरियल आर्मी के जवानों को तैनात किया गया था। यहां बुधवार रात भारी भूस्खलन हुआ। इस भूस्खलन में कई जवान दब गए। गुरुवार सुबह सेना, असम राइफल्स, मणिपुर पुलिस की ओर से बड़े पैमाने पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। जिसमें साइट पर उपलब्ध इंजीनियरिंग उपकरणों का भी उपयोग किया जा रहा है। घायलों को इलाज के लिए नोनी आर्मी मेडिकल यूनिट लाया गया है। भूस्खलन के वजह से इजाई नदी का प्रवाह प्रभावित हुआ है। यह नदी तामेंगलोंग और नोनी जिलों से होकर बहती है। बता दें कि कुछ नागरिकों के भी मलबे में अभी भी दबे होने की आशंका है। बता दें कि रेस्क्यू ऑपरेशन अभी भी शुरू है।

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