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शेरों की मौजूदगी में महिला ने दिया बच्ची को जन्म

22 May, 2020 877
संवाददाता/in24 न्यूज़.
जब कोई महिला प्रसव पीड़ा के तहत बच्चे को जन्म देना चाहती है तब कोई भी मुसीबत उसे रोक नहीं पाती. एक ऐसी ही बहादुर महिला का साहस गुजरात से सामने आया है. एक गर्भवती महिला को बब्बर शेरों की मौजूदगी में अपने बच्चे को जन्म देना पड़ा। यह हैरतअंगेज घटना गढड़ा के भाका गांव की है। शेरों के हटने के बाद महिला को अस्पताल ले जाया गया, जहां बच्चा और महिला दोनों स्वस्थ हैं। घटना के अनुसार 20 मई की रात लगभग 10 बजे के करीब गढड़ा के भाखा गांव की अफसाना सबरिश रफीक को अचानक से लेबर पेन शुरू हो गया। महिला प्रसूति के दर्द से बेहाल थी। जिसके बाद महिला के घरवालों ने उसकी नाजुक हालत देखते हुए फौरन 108 पर कॉल किया और गर्भवती महिला को अस्पताल ले जाने के लिए एंबुलेंस बुलाई। जैसे ही एंबुलेंस महिला को लेकर अस्पताल के लिए निकली तो गांव से दूर गिर गढड़ा से उना के रास्ते में रसुलपरा गांव के नजदीक 4 बब्बर शेरों ने गाड़ी का रास्ता रोक लिया। शेर गाड़ी के एकदम सामने ही खड़े हो गए थे। इस दौरान कोई भी उन्हें वहां से भगाने की हिम्मत भी नहीं कर पाया। इसके बाद महिला के बढ़ते दर्द और खतरे को देखते हुए ईएमटी और पायलट ने सूझबूझ से काम लेते हुए रास्ते में ही महिला की डिलीवरी कराई और महिला ने एक बच्ची को जन्म दिया। आश्चर्य की बात यह रही कि इस पूरे वाकये के दौरान शेर गाड़ी का रास्ता रोके वहीं खड़े रहे। चारों शेर गाड़ी के आसपास चक्कर लगाते रहे। आखिर 20 मिनट के बाद जब बच्ची का जन्म हो गया तब शेरों ने रास्ता छोड़ा। इसके तुरंत बाद एंबुलेंस के दोनों स्टाफ ने मां और बच्ची को गिर गढड़ा के अस्पताल पहुंचाया। अब मां और बच्ची दोनों एकदम स्वस्थ बताई जा रही हैं। अमरेली के 108 आपातकालीन प्रबंधन कार्यकारी अधिकारी चेतन ने बताया कि रसूलपुरा गांव की रहने वाली मकवाना को जाफराबाद कस्बे के सरकारी अस्पताल ले जाया जा रहा था। इसी दौरान शेर एंबुलेंस का रास्ता रोककर खड़े हो गए थे।

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