चार धाम में गैर-हिंदुओं की एंट्री पर बैन को लेकर छिड़ा विवाद
कांग्रेस नेता हुसैन दलवाई ने मंगलवार, 27 जनवरी को बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) द्वारा चार धाम मंदिरों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की कड़ी निंदा करते हुए कहा ऐसे निर्णय भारत के संविधान की भावना के विरुद्ध हैं। मेरे विचार में, यह एक छोटा हिंदू राष्ट्र बनाने की कोशिश है।
बता दें की हाल ही में बीकेटीसी ने बद्रीनाथ-केदारनाथ धाम और अपने अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले अन्य मंदिरों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव रखा और श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा यह प्रस्ताव आगामी बोर्ड बैठक में प्रस्तुत किया जाएगा।
गौरतलब है कि हिंदू समूह हरिद्वार कुंभ मेला क्षेत्र में स्थित सभी गंगा घाटों पर गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने की मांग कर रहे हैं। इस महीने की शुरुआत में, हरिद्वार में हर की पौड़ी और आसपास के गंगा घाटों का प्रबंधन और रखरखाव करने वाली संस्था श्री गंगा सभा ने उत्तराखंड सरकार से 2027 में होने वाले अर्ध कुंभ से पहले कुंभ मेला क्षेत्र को गैर-हिंदुओं के लिए प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित करने की मांग की थी।
बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के कड़े रुख पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए वरिष्ठ वकील और टीएमसी नेता माजीद मेमन ने इसे अधिकारों का हनन बताया है। माजीद मेमन ने इस विवाद पर अपनी राय स्पष्ट करते हुए कहा कि भारत का संविधान सभी नागरिकों को समान अधिकार प्रदान करता है। धार्मिक पहचान के आधार पर सार्वजनिक महत्व के स्थलों पर रोक लगाना कानूनी रूप से चुनौतीपूर्ण है।