शहीदों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाने देंगे : वायसेना प्रमुख भदौरिया
संवाददाता/in24 न्यूज़.
भारत और चीन के बीच हिंसक झड़प में शहीद हुए जवानों के बलिदान के बाद गलवान विवाद पर भारतीय वायुसेना अध्यक्ष आरकेएस भदौरिया ने दो टूक कहा है कि हम जवाब देने के लिए तैयार हैं. वायुसेना प्रमुख भदौरिया शनिवार को हैदराबाद में संयुक्त स्नातक परेड में शामिल होने के लिए पहुंचे थे. वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ने पासिंग आउट परेड के दौरान वायुसेना के जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि हम किसी भी कीमत पर अपनी संप्रभुता की रक्षा करेंगे. हमारे क्षेत्र में सुरक्षा परिदृश्य यह बताता है कि हमारे सशस्त्र बल हर समय तैयार और सतर्क रहते हैं. वायुसेना प्रमुख भदौरिया ने कहा कि लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर छोटी सी सूचना पर हम हालात को संभालने के लिए तैयार हैं. उन्होंने कहा कि सैन्य वार्ता के दौरान समझौतों के बाद अस्वीकार्य चीनी कार्रवाई और जान माल की हानि के बावजूद, यह सुनिश्चित करने के लिए सभी प्रयास चल रहे हैं कि एलएसी में मौजूदा स्थिति को शांति से हल किया जाए. भदौरिया ने कहा कि यह बहुत स्पष्ट होना चाहिए कि हम किसी भी आकस्मिकता का जवाब देने के लिए अच्छी तरह से तैयार और उपयुक्त रूप से तैनात हैं. वायुसेना प्रमुख ने कहा कि मैं देश को विश्वास दिलाता हूं कि हम स्थिति से निपटने के लिए दृढ़ हैं और गलवान घाटी के बहादुरों के बलिदान को कभी व्यर्थ नहीं जाने देंगे. वायुसेना चीफ आरकेएस भदौरिया ने कहा कि, हमारा चीन से युद्ध नहीं चल रहा है लेकिन हम पूरी तरह से तैयार हैं. उन्होने कहा कि चीन से बातचीत चल रही है और हम तैयार हैं. चीन ने सीमा पर तैनाती बढ़ा दी है और हम उन पर नजर रखे हुए हैं. जरूरत पड़ी तो उड़ान भरेंगे. सेना मामले को बखूबी संभाल रही है. भदौरिया ने कहा कि हम तैनाती को देखते हुए कार्रवाई कर रहे हैं. हमें कोई संदेह नहीं है कि हम किसी भी आकस्मिकता को संभाल लेंगे. हमें स्थिति के बारे में पता है और हमने आवश्यक कार्रवाई की है. लेह में वायु सेना तैनात है.इस दौरान वायुसेना प्रमुख भदौरिया ने भारत और चीन के बीच हिंसक झड़प में शहीद हुए कर्नल संतोष बाबू और अन्य जवानों को श्रद्धांजलि दी. उन्होंने भारतीय वायुसेना अकादमी में मौजूद लोगों से कहा कि कृपया कर्नल संतोष बाबू और उनके बहादुर लोगों को श्रद्धांजलि देने में शामिल हों, जिन्होंने गलवान घाटी में एलएसी का बचाव करते हुए बलिदान दिया. गौरतलब है कि बता दें कि इस पासिंग आउट परेड के साथ ही भारतीय वायुसेना में 123 जाबांज शामिल हुए हैं. जिनमें 19 महिला अफसर भी शामिल हैं. वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया ने पाउसिंग आउट परेड की सलामी ली. गौरतलब है कि पासिंग आउट परेड को विभिन्न भारतीय वायुसेना शाखाओं के फ्लाइट कैडेट्स के प्री-कमीशनिंग प्रशिक्षण के सफल समापन का प्रतीक माना जाता है. पासिंग आउट परेड के दौरान कैडेट्स के माता-पिता भी शामिल होते हैं, लेकिन इस बार कोरोना वायरस के चलते ऐसा नहीं किया गया. बता दें कि वायुसेना अकादमी से इस बार तट रक्षक बल, नौसेना और वियतनामी सेना के जनावों ने भी अकादमी से ग्रेजुएशन हासिल किया है.