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कुणाल कामरा के विवादित बयान से महाराष्ट्र में छिड़ा सियासी संग्राम !

25 Mar, 2025 493

स्टैंडअप कॉमेडियन कुणाल कामरा ने एक एक्ट किया, जिसमें उन्होंने तंज भरा गाना गाया और अब उनकी कॉमेडी पर कोहराम मच गया। दरअसल, कॉमेडी के नाम पर कुणाल कामरा ने महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे के खिलाफ अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया। ये बात इशारों में थी, तंज भी बगैर नाम लिए हुआ और कटाक्ष भी आड़े-तिरछे हुए लेकिन इसकी प्रतिक्रिया एकदम सीधी हुई है। उन्होंने जहां कार्यक्रम किया था, वहां शिवसेना के कार्यकर्ताओं ने तोड़फोड़ की। इसके बाद विरोध प्रदर्शन और कानूनी कार्रवाई का सिलसिला शुरू हो गया। 


कुल मिलाकर कॉमेडियन कुणाल कामरा की कॉमेडी एक्शन से भरपूर सियासी मुकाबले का बारूद बन गया है। बारूद इतना विस्फोटक था कि पहले शिवसेना शिंदे गुट के कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम स्थल पर तोड़फोड़ की. इसके बाद कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी हुई और घंटे भर में ही उनकी जमानत भी हो गई। वहीं कुछ घंटों में बीएमसी भी एक्शन में आ गई। टीम और  हथौड़ों के साथ स्टूडियो पहुंच गई। बीएमसी की इस तेजी पर आप हैरान भी रह सकते हैं, लेकिन सरकार के मंत्री हैरान नहीं है।


 महाराष्ट्र सरकार के मंत्री प्रताप सरनाईक ने कहा कि स्टूडियो अवैध रूप से बना हुआ था, इसलिए उसके खिलाफ कार्रवाई की गई है। वही मुंबई पुलिस ने कुणाल कामरा को व्हाट्सएप के जरिए समन जारी कर पेश होने के लिए कहा है। खार पुलिस की तरफ से उन्हें नोटिस भेजा गया है और अब ये बात तय है कि उनकी पेशी थाने में होगी। यूं तो कॉमेडियन कुणाल कामरा पहले भी विवाद में रहे हैं, लेकिन इस बार अपने ढाई मिनट के स्टैंडअप पीस में उन्होंने जब इशारों में महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे को निशाने पर लिया तो सियासी भूचाल आ गया। 


जल्द ही उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं का गुस्सा तोड़फोड़ के रूप में दिखने लगा। इसके बाद बात पुलिस थाने तक पहुंच गई। जिसके बाद बकायदा एमआईडीसी पुलिस थाने में कामरा के खिलाफ केस दर्ज किया गया। वहीं शिकायत करने वाले शिवसेना विधायक मुरजी पटेल का कहना है कि माफी नहीं मांगी तो कामरा का मुंह काला कर देंगे। वहीं कुणाल कामरा ने बयान कर शिवसैनिकों द्वारा हैबीटेट क्लब में की गई तोड़फोड़ की निंदा की है। कामरा ने इंस्टाग्राम पर जारी अपने बयान में कहा कि 'मनोरंजन स्थल केवल एक मंच है। सभी प्रकार के शो के लिए एक जगह हैं। 


हैबिटेट या कोई अन्य स्थल मेरी कॉमेडी के लिए जिम्मेदार नहीं है, न ही उसके पास इस बात पर कोई शक्ति या नियंत्रण है कि मैं क्या कहता या करता हूं। और न ही कोई राजनीतिक दल ऐसा करता है। कामरा ने कहा कि 'किसी कॉमेडियन के शब्दों के लिए किसी आयोजन स्थल पर हमला करना उतना ही मूर्खतापूर्ण है, जितना टमाटर ले जा रही एक ट्रक को इसलिए पलट देना, क्योंकि परोसा गया बटर चिकन आपको पसंद नहीं आया। वैसे तो सियासत में व्यंग्य और तंज तो होते हैं। लेकिन इस बार टिप्पणियों ने सीमा पार की तो महाराष्ट्र में नई जंग छिड़ गई है। 


 वहीं चर्चा उद्धव के सीएम रहने के दौरान विरोधी टिप्पणियों तक भी पहुंची गई है। अब महाराष्ट्र में ये टकराव तूल पकड़ चुका है, जिसपर नया रण छिड़ा है। कुणाल कामरा के खिलाफ बीजेपी और शिवसेना के नेताओँ, कार्यकर्ताओं का गुस्सा तो फूटा ही है, अब उन पर कानूनी कार्रवाई भी की जा रही है। शिवसेना के विधायक ने कामरा के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी है। कामरा के खिलाफ शांतिभंग करने, अफवाह फैलाने और मानहानि का मामला दर्ज किया गया है। वहीं.अब महाराष्ट्र के गृह राज्यमंत्री योगेश कदम का कहना कि कुणाल कामरा की सीडीआर की जांच की जाएगी, यानी उन्हें शक है कि कामरा ने जो कहा, उसके पीछे किसी तरह की साजिश भी हो सकती है।


 कुल मिलाकर इस हंगामे के बाद महाराष्ट्र सरकार की ओर से भी कामरा पर सख्ती का संकेत दिया है। कामरा पर मचे सियासी कोहराम के बीच महाराष्ट्र के गृहमंत्री योगेश कदम ने साफ कर दिया है कि कुणाल कामरा के मोबाइल के सीडीआर की जांच होगी। इस दौरान ये पता लगाया जाएगा कि आखिर किस-किस ने कुणाल कामरा को कॉल की और क्या शो में कुणाल कामरा ने जिस तरह की टिप्पणी की, उसके पीछे किसी और की साजिश तो नहीं थी। अब साफ है कि स्टैंड अप कॉमेडी पर शुरू हुआ विवाद अब पूरी तरह से सियासी रूप ले चुका है। 


उद्धव ठाकरे के सांसद संजय राउत ने तो यहां तक कह दिया है कि उनका और कुणाल कामरा का डीएनए एक है। वहीं कुणाल कामरा ने शिवसेना शिंदे गुट के कार्यकर्ताओं के गुस्से का शिकार होने के बाद जब संविधान की कॉपी हाथ में लेकर अपनी फोटो पोस्ट की तो सीएम देवेद्र फडणवीस ने उसी संविधान का हवाला देकर कामरा को खरी-खरी सुनाई और इस बहाने कांग्रेसी नेता राहुल गांधी को भी निशाने पर ले लिया। 


वैसे आपको बता दें कि ये पहला मामला नहीं है जब स्टैंडअप कॉमेडियन कुणाल कामरा विवादों में हैं। इससे पहले भी वो कई बार राजनीति पर अपनी टिप्पणी को लेकर विरोध का सामना कर चुके हैं। अपनी टिप्पणियों के चलते विवादों के साथ उनके रिश्ते की लंबी सूची है, लेकिन इस बार बात कुछ ज्यादा ही आगे बढ़ गई है। सरकार कार्रवाई के लिए हुंकार भर रही है, लेकिन विपक्ष में शिवसेना यूबीटी के सांसद पूछ रहे हैं कि कामरा के एक्ट से शिंदे को इतनी मिर्ची क्यों लग रही है और अगर बुरा लगा भी तो स्टूडियो में तोड़फोड़ का अधिकार किसने दिया है। उधर, सियासी घमासान के बीच कुणाल कामरा ने मुंबई पुलिस को जांच में सहयोग का भरोसा दिया लेकिन माफी मांगने से साफ इनकार कर दिया है।

सूत्रों के मुताबिक कुणाल कामरा अभी भी इस बात पर अड़े हैं कि उन्होंने कुछ भी न तो गलत कहा है न कुछ गलत किया है। ऐसे में कामरा के टिप्पणी पर महाराष्ट्र में सियासी तनातनी बढ़नी तय मानी जा रही है। कुणाल कामरा ने जिन नेताओं के बारे में अपने एक्ट में भला बुरा कहा, वो या तो बीजेपी के थे या शिंदे वाली शिवसेना के इसीलिए इन दोनों पार्टियों के नेताओं ने कामरा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।  लेकिन उद्धव गुट वाली शिवसेना और कांग्रेस भी मैदान में मोर्चा संभालने के लिए उतर पड़े हैं। 


दरअसल उद्धव पूछ रहे हैं कि कामरा ने शिंदे के बारे में गलत क्या कहा है, उद्धव ठाकरे और आदित्य ठाकरे ने जिस तरह से कुणाल कामरा का समर्थन किया, उससे सत्ता पक्ष को इसके पीछे राजनीतिक विवाद नजर आने लगा है। शिंदे गुट से राज्यसभा सांसद मिलिंद देवड़ा ने आरोप मढ़ दिया कि कुणाल कामरा राजनीतिक एजेंडा चला रहे हैं। बीजेपी और शिवसेना शिंदे गुट सीधे कुणाल कामरा पर हमलावर दिख रहे हैं. वहीं अजित पवार अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता में मर्यादा बनाए रखने की नसीहत दे रहे हैं। 


कुल मिलाकर शिवसेना यूबीटी के नेताओं के निशाने पर एकनाथ शिंदे हैं। कांग्रेस के निशाने पर महाराष्ट्र की सरकार है। जबकि एनसीपी एसपी के नेता कह रहे हैं कि एकनाथ शिंदे को बड़ा दिल दिखाना चाहिए और कामरा के बयान को सीरियस नहीं लेना चाहिए। बहरहाल अब देखना ये होगा कि कॉमेडी पर मचा ये कोहराम कहां जाकर थमता है। 

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