नीति आयोग की बैठक में शामिल नहीं होंगी ममता बनर्जी
संवाददाता/in24 न्यूज़.
तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के रिश्तों में आई कड़वाहट का असर अब और गहराता जा रहा है. गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) को पत्र लिखकर बताया है कि वे 15 जून को हो रही नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की बैठक में शामिल नहीं होंगी. बैठक में शामिल न होने का कारण बताते हुए ममता बनर्जी ने कहा है कि नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल को राज्य की योजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए कोई वित्तीय शक्ति हासिल नहीं है. ममता बनर्जी ने पीएम नरेंद्र मोदी के कार्यालय को लिखे लेटर में कहा है कि 15 अगस्त 2014 को आपने योजना आयोग की जगह नीति आयोग के गठन की घोषणा की थी. ममता ने कहा कि मैं आश्चर्यचकित हूं कि राज्यों के मुख्यमंत्रियों से इस बारे में कोई बात नहीं की गई. उन्होंने कहा कि आपको पता होगा कि योजना आयोग राष्ट्रीय योजना कमेटी थी, जिसे जवाहर लाल नेहरू और सुभाष चंद्र बोस ने 1938 में गठित की थी. आपको यह भी पता होगा कि 15 मार्च 1950 को योजना आयोग का गठन किया गया था, जिसे वित्तीय शक्तियां हासिल थीं और वह मुख्यमंत्रियों के साथ विकास की योजनाओं पर सलाह-मशविरा करता था.
इससे पहले पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने से इनकार कर दिया था.