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श्री श्री रविशंकर अयोध्या मामले में करेंगे मध्यस्थता 

15 Nov, 2017 1504
  ब्युरो रिपोर्ट/ in24 न्यूज़ 

राम मंदिर मामले में मध्यस्थता का बीड़ा उठाने वाले आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर पर अयोध्या आंदोलन से जुड़े रहे बीजेपी के पूर्व सांसद रामविलास वेदांती ने सवाल उठाते हुए कहा कि रविशंकर कौन होते हैं, फैसला करने वाले ? उन्होंने कहा, अगर अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण होता है तो ठीक है, वरना मस्जिद तो किसी भी कीमत पर बनने नहीं दिया जाएगा। राम मंदिर के लिए के लिए चाहे जितना बालिदान देना पड़े, हम पीछे नहीं हटेंगे फिर चाहे इसकी कीमत जान देकर ही क्यों न चुकानी पड़े। आपको बता दें कि श्रीश्री रविशंकर ने बुधवार सुबह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की और दोनों के बीच करीब आधे घंटे तक CM हाउस में बातचीत हुई।

CM योगी से मिलने के बाद श्रीश्री रविशंकर ने कई अन्य लोगों से भी मुलाकात की, इनमें दिगंबर अखाड़ा, निर्मोही अखाड़ा, राष्ट्रीय मुस्लिम मंच, शिवसेना, हिंदू महासभा के अलावा विनय कटियार से भी मुलाकात की। इसी बीच शिया वक्फ बोर्ड के भीतर अलग सुर सुनाई दे रहे है। शिया वक्फ बोर्ड के प्रवक्ता यसूब अब्बास ने कहा है कि वह इस मुद्दे पर ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल बोर्ड लॉ के साथ हैं, यानी इनके विचार शिया वक्फ बोर्ड के प्रमुख वसीम रिजवी के रुख से बिल्कुल अलग हैं।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात करने के बाद श्री श्री रविशंकर ने हिंदू महासभा के चक्रपाणी, बीजेपी नेता विनय कटियार और दिगंबर अखाड़ा के महंत सुरेश दास से मुलाकात की। आपको बता दे कि, श्री श्री रविशंकर अयोध्या के दौरे में रामलला के दर्शन करेंगे जहां वह अलग-अलग अखाड़ों और संतों से मुलाकात करेंगे और साथ ही अन्य पक्षकारों से भी मुलाकात कर सकते हैं। अयोध्या से लौटने के बाद योगी सरकार के अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मोहसिन रजा कई मुस्लिम बुद्धिजीवियों के साथ श्रीश्री रविशंकर से मिलेंगे।

शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड का मसौदा भी तैयार है जिसमें सुलह के फॉर्मूले को सामने रखा गया है. शिया बोर्ड का कहना है कि वह मस्जिद को अयोध्या और फैजाबाद से बाहर बनाने को तैयार है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को अयोध्या से निकाय चुनाव प्रचार की शुरुआत की थी । उन्होंने कहा था कि राम के बगैर भारत में कोई काम नहीं हो सकता है, राम हमारी आस्था के प्रतीक हैं, भारत की पूरी आस्था के केंद्र बिंदु हैं, योगी ने कहा कि हम अयोध्या को उसका गौरव वापस दिला कर रहेंगे।

 

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