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महाराष्ट्र और राजस्थान के बीच मजबूत होगी आर्थिकी और संस्कृति की डोर, पधारो म्हारे देश से पधारो थारे देश तक कार्यक्रम

17 Oct, 2026 21

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल पर राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित ‘प्रवासी राजस्थानी संवाद कार्यक्रम’ में देश-विदेश में बसे राजस्थानियों की मातृभूमि के विकास में भागीदारी को लेकर चर्चा हुई। कार्यक्रम में महाराष्ट्र, विशेषकर मुंबई और पुणे में रहने वाले प्रवासी राजस्थानियों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया गया। प्रवासी राजस्थानी अपनी उद्यमशीलता, अनुभव और निवेश के माध्यम से राजस्थान की अर्थव्यवस्था को नई गति देने में अहम योगदान दे सकते हैं। कार्यक्रम में मुंबई चैप्टर के प्रतिनिधियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए भाग लिया।

महाराष्ट्र के निवेशकों के लिए नए अवसर

महाराष्ट्र की आर्थिक क्षमता और राजस्थान की औद्योगिक संभावनाओं को जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया। बाड़मेर के पचपदरा में लगभग 80 हजार करोड़ रुपये की लागत से विकसित हो रही ग्रीनफील्ड रिफाइनरी एवं पेट्रोकेमिकल परियोजना से जुड़े डाउनस्ट्रीम उद्योगों में निवेश की संभावनाएं हैं। इसके अलावा मैन्युफैक्चरिंग, एमएसएमई, वस्त्र, इंजीनियरिंग और हेरिटेज टूरिज्म जैसे क्षेत्रों में भी निवेशकों के लिए अवसर उपलब्ध हैं।

शेखावाटी क्षेत्र की ऐतिहासिक हवेलियों के संरक्षण और हेरिटेज टूरिज्म सर्किट के विकास में भी निवेशकों की रुचि बढ़ने की उम्मीद है। इस दिशा में आगामी 8 दिसंबर को शेखावाटी हेरिटेज मीट और 10 दिसंबर को प्रवासी राजस्थानी सम्मेलन आयोजित किए जाने की जानकारी दी गई है।

कारोबार सुगमता के लिए नीतिगत बदलाव

राजस्थान सरकार ने निवेश को प्रोत्साहित करने और कारोबार की प्रक्रियाओं को सरल बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं। एमएसएमई क्षेत्र में कन्सेंट-टू-ऑपरेट की समय-सीमा 120 दिन से घटाकर 30 दिन और बड़े उद्योगों के लिए 60 दिन की गई है। कम प्रदूषण वाले उद्योगों की व्हाइट कैटेगरी में शामिल उद्योगों की संख्या 104 से बढ़ाकर 877 कर दी गई है।

राज निवेश पोर्टल के माध्यम से 18 विभागों की लगभग 190 सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा रही हैं। राजस्थान इन्वेस्टमेंट प्रमोशन स्कीम, राजस्थान इंडस्ट्रीज पार्क प्रमोशन पॉलिसी-2026 और एनआरआर पॉलिसी-2025 के जरिए निवेशकों को प्रोत्साहन देने का प्रयास किया जा रहा है। इसके साथ ही प्रत्येक जिले में जिला प्रवासी प्रकोष्ठ गठित किए गए हैं।

राजस्थान फाउंडेशन के 51 चैप्टर

प्रवासी राजस्थानियों को अपनी मातृभूमि से जोड़ने के लिए राजस्थान फाउंडेशन का विस्तार किया गया है। मुख्यमंत्री ने रायपुर, लखनऊ, पटना, सिलीगुड़ी, पणजी, विशाखापट्टनम, सैन फ्रांसिस्को, ज्यूरिख, मिलान, डबलिन और स्टॉकहोम सहित 11 नए चैप्टर की घोषणा की है। इससे देश-विदेश में फाउंडेशन के कुल चैप्टर की संख्या 40 से बढ़कर 51 हो गई है।

राज्य में आधारभूत ढांचे, औद्योगिक विकास और कनेक्टिविटी के विस्तार के साथ प्रवासी निवेश को बढ़ावा देने की कोशिश की जा रही है। सरकार की इस पहल से राजस्थान में नए उद्योग स्थापित होने, स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ने और पर्यटन क्षेत्र को मजबूती मिलने की उम्मीद है। महाराष्ट्र और राजस्थान के बीच आर्थिक एवं सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने में प्रवासी राजस्थानी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

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