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दिल्ली में प्रदर्शन से पहले हाई अलर्ट, 57 मेट्रो स्टेशनों के गेट बंद करने का प्रस्ताव

09 Oct, 2026 28

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर 10 अक्टूबर को प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली में सुरक्षा और परिवहन को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के विरोध प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। साथ ही, 57 मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार बंद करने का प्रस्ताव दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) को भेजा गया है। नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन स्टेशनों पर पहुंचने वाली कुछ मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों को भी रद्द कर दिया गया है।

पुलिस को मुख्य न्यायाधीश सौरभ दास की ओर से 7 अक्टूबर को होने वाले विरोध प्रदर्शन के संबंध में एक पत्र प्राप्त हुआ था। पुलिस ने बताया कि नियमों के अनुसार, विरोध प्रदर्शन के लिए कम से कम 10 दिन पहले आवेदन करना आवश्यक है। इससे पहले, जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस के निर्देशों और लिखित आश्वासनों के उल्लंघन के आरोप लगे थे। दिल्ली पुलिस की संयुक्त आयुक्त नूपुर प्रसाद ने स्पष्ट किया कि मौजूदा कानून व्यवस्था और जन सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अनुमति नहीं दी गई थी। इस बीच, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत नई दिल्ली क्षेत्र में निषेधाज्ञा लागू है। पुलिस ने बिना अनुमति के भीड़ इकट्ठा होने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी है।

दिल्ली पुलिस ने 8 अक्टूबर को डीएमआरसी को पत्र भेजकर प्रस्ताव दिया था कि स्थिति सामान्य होने तक 9 अक्टूबर की रात 9 बजे से 57 मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार बंद रखे जाएं। इसका उद्देश्य संभावित भीड़भाड़ और यातायात जाम को रोकना है। हालांकि, यह एक प्रस्ताव मात्र है, इसलिए अंतिम निर्णय की पुष्टि होना बाकी है। रेलवे ने 10 अक्टूबर को सुबह 4 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन स्टेशनों पर आने वाली मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों को रद्द करने का फैसला किया है। यह निर्णय 9 अक्टूबर को दोपहर 2 बजे के बाद चलने वाली और इन स्टेशनों पर समय पर पहुंचने वाली ट्रेनों पर लागू होगा। बताया जा रहा है कि यातायात जाम और यात्रियों को होने वाली असुविधा से बचने के लिए यह एहतियाती निर्णय लिया गया है।

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