ट्रंप समर्थकों और पुलिस में हिंसक झड़प
संवाददाता/in24 न्यूज़.
अमेरिका में सियासी घमासान मचा हुआ है. वॉशिंगटन में कैपिटल परिसर के बाहर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समर्थकों और पुलिस के बीच हिंसक झड़पें हुई. हिंसा के बाद पूरे परिसर को बंद कर दिए गया. प्रो-ट्रम्प प्रदर्शनकारियों ने बुधवार दोपहर को लगभग चार घंटे तक यू.एस. कैपिटल पर धावा बोल दिया.वीडियो में लोगों को खिड़कियां तोड़ते हुए और अंदर जाने के लिए बैरिकेड्स को हटाते दिखाया गया है. चुनाव को लेकर बार-बार झूठे आरोप लगाने के बाद ट्विटर ने यूजर्स पॉलिसी का उल्लंघन करने के लिए ट्रंप को 12 घंटे के लिए ब्लॉक कर दिया. पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा का कहना है कि इतिहास कैपिटल में हिंसा को याद रखेगा, उन्होंने कहा यह देश के लिए सबसे बड़े शर्म की बात है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का समर्थन करने वाले प्रदर्शनकारियों ने बुधवार को जॉर्जिया से न्यू मैक्सिको तक प्रदर्शन किया. राज्य की राजधानियों में सैकड़ों लोग इकट्ठा हुए, जिन्होंने राष्ट्रपति चुनाव का विरोध किया, जो 'स्टॉप द स्टिल' और 'फोर मोर इयर्स' कहते हुए राष्ट्रपति चुनाव का विरोध कर रहे थे. कोरोना वायरस महामारी के बीच उनमें से ज्यादातर ने मास्क नहीं पहना था और कुछ ने ओक्लाहोमा, जॉर्जिया, एरिज़ोना और वाशिंगटन राज्य जैसी जगहों पर बंदूकें चला दीं. ओहियो और कैलिफोर्निया जैसे राज्यों में काउंटरप्रोसेसर के साथ कुछ झड़पें हुईं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस घटना पर दुःख व्यक्त किया है. पीएम मोदी ने कहा कि वाशिंगटन डीसी में दंगे और हिंसा की खबरें देखकर दुखी हूं. व्यवस्थित और शांतिपूर्ण तरीके से सत्ता का हस्तांतरण जारी रहना चाहिए. लोकतांत्रिक प्रक्रिया को गैरकानूनी विरोध के माध्यम से विकृत नहीं होने दिया जा सकता है. बता दें कि ट्रंप अबतक नहीं मान रहे हैं कि उनकी हार हो चुकी है.