वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन को चीन ने दिए अतिरिक्त 30 मिलियन डॉलर
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन की फंडिंग पर रोक लगाने के बाद चीन ने यूएन संस्था को अतिरिक्त 30 मिलियन डॉलर का भुगतान किया है. इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन पर चीन की तरफदारी का आरोप लगाया था. ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी करदाता ट्रंप ने फंड रोकते हुए डब्ल्यूएचओ पर चीन केंद्रित होने का आरोप लगाया था. ट्रंप का कहना था कि अमेरिकी करदाताओं ने डब्ल्यूएचओ को प्रति वर्ष 400 मिलियन डॉलर से 500 मिलियन डॉलर दिए जबकि इसके विपरीत, चीन लगभग 40 मिलियन डॉलर प्रति वर्ष योगदान दिया. ट्रंप ने यह भी दावा किया कि चीन अपनी मौतों का आंकड़ा कम करके दिखा रहा है. उसका बजट लगभग 6 बिलियन डॉलर है.एक रिपोर्ट के मुताबिक 2018-2019 में अमेरिका ने 893 मिलियन डॉलर का योगदान दिया, जबकि चीन ने 86 मिलियन डॉलर दिए हैं. चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग शुआंग ने कहा कि यह फंड पिछले 20 मिलियन अमेरिकी डॉलर के अतिरिक्त होगा. उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र एजेंसी को चीन का योगदान डब्ल्यूएचओ के लिए चीनी सरकार और लोगों के समर्थन और विश्वास को दर्शाता है". ट्रंप ने फंड रोकते हुए डब्ल्यूएचओ पर चीन केंद्रित होने का आरोप लगाया था. ट्रंप का कहना था कि अमेरिकी करदाताओं ने डब्ल्यूएचओ को प्रति वर्ष 400 मिलियन डॉलर से 500 मिलियन डॉलर दिए जबकि इसके विपरीत, चीन लगभग 40 मिलियन डॉलर प्रति वर्ष योगदान दिया. ट्रंप ने यह भी दावा किया कि चीन अपनी मौतों का आंकड़ा कम करके दिखा रहा है.