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भारत-नेपाल सीमा पर गरमाया कालापानी विवाद

23 May, 2020 787

संवाददाता/in24 न्यूज़.  
भारत-नेपाल की सीमा पर तनाव को देखते हुए नेपाल से सटे सीमावर्ती उत्तराखंड के जिलों में पुलिस और खुफिया एजेंसियों को अलर्ट कर दिया गया है। उन्हें ताजा घटनाक्रम पर पैनी नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि कोरोना संक्रमण के मद्देनजर नेपाल के रास्ते उत्तराखंड में दाखिल होने वाले लोगों को लेकर पुलिस पहले ही चौकसी बरत रही है। अब कालापानी पर नेपाल द्वारा पैदा किए गए ताजा विवाद से उत्तराखंड पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां और सतर्क हो गई हैं। नेपाल की तरफ सीमावर्ती इलाकों में हलचल बढ़ गई है, जिसके कारण उत्तराखंड की सीमा से सटे जिलों में भी अलर्ट किया गया है। महनिदेशक (कानून-व्यवस्था) अशोक कुमार के अनुसार सीमा पर एसएसबी और अन्य एजेंसियां पुरी तरह मुस्तैद हैं। सटे हुए जिलों में पूरी तरह शांति है। हम पूरी सतर्कता बरत रहे हैं। गौरतलब है कि नेपाल ने अपने नए नक्शे में लिपुलेख, कालापानी और लिम्पियाधुरा सहित करीब 372 वर्ग किमी क्षेत्र को उसका हिस्सा बताया है। इस नक्शे के माध्यम से नेपाल भारत पर 372 वर्ग किलोमीटर भूमि को अतिक्रमण किए जाने की बात कह रहा है। वैसे तो समय-समय पर इस इलाके को लेकर नेपाल इस तरह की हरकत पहले भी करता रहा है लेकिन हाल ही में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा 8 मई को लिपुलेख तक जाने वाली सड़क का उद्घाटन करने के बाद से यह विवाद नए रूप में गरमाया हुआ है। नेपाल का दावा है कि यह सड़क नेपाल से होकर गुजरती है और उसके क्षेत्र कोई देश कैसे सड़क बना सकता है। इसलिए उत्तराखंड से लगी सीमा के आसपास के इलाकों में नेपाल के नए नक्शे का विरोध हो रहा है। उधर, नेपाल के साथ जारी सीमा विवाद को धारचूला के विधायक हरीश धामी ने सिरे से नकारते हुए आज कहा कि काली नदी का उद्गम स्थल कालापानी है। इसी के आरपार भारत और नेपाल हैं। इन दिनों लिपुलेख, लिम्पियाधुरा और कालापानी के जिस हिस्से पर नेपाल अपना दावा जता रहा है, ये तीनों इलाके उत्तराखंड की धारचूला विधानसभा के भाग हैं।

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