मौलाना जर्जिस ने श्रीकृष्ण को बताया मुसलमान, हिंदुओं ने की गिरफ़्तारी की मांग
16 Jul, 2026
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मौलाना जर्जिस ने भगवद् गीता के छठे अध्याय के दसवें श्लोक का हवाला देते हुए अपने भाषण में यह दावा किया। उनके अनुसार, गीता का यह श्लोक पूरे शरीर से ईश्वर की उपासना करने का वर्णन करता है, और नमाज़ में भी पूरे शरीर की गतिविधियों के साथ प्रार्थना की जाती है। इसी आधार पर उन्होंने दावा किया कि भगवान कृष्ण ने दिन में पाँच बार नमाज़ पढ़ी थी। उन्होंने यह भी कहा कि भगवान राम और कृष्ण ने इस्लाम का संदेश दिया था।
हालांकि, कई धार्मिक विद्वानों और हिंदू संगठनों ने इस दावे को खारिज कर दिया है। उनके अनुसार, मौलाना ने भगवद् गीता के श्लोक की गलत व्याख्या की है। संबंधित श्लोक योगी को एकांत में रहने और अपने मन, शरीर और आत्मा को परमेश्वर पर केंद्रित करने का उपदेश देता है, और यह कहा जा रहा है कि इसका नमाज़ से कोई संबंध नहीं है।
इस बयान के बाद संत समुदाय में भारी असंतोष फैल गया है। विभिन्न हिंदू संगठनों ने इस बयान को करोड़ों कृष्ण भक्तों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला बताया है। संबंधित मौलाना के खिलाफ मामला दर्ज करने और उनकी तत्काल गिरफ्तारी की मांग उठ रही है। कुछ स्थानों पर विरोध प्रदर्शन की तैयारियां भी चल रही हैं।
सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे पर खूब चर्चा हो रही है और कई लोगों ने मौलाना के बयान की निंदा की है। वहीं दूसरी ओर, कुछ लोगों ने धार्मिक ग्रंथों की व्याख्या करते समय जिम्मेदारी पूर्ण और सटीक व्याख्या की आवश्यकता पर बल दिया है। इस बीच, संबंधित प्रशासन द्वारा इस मामले में अभी तक कोई आधिकारिक कार्रवाई की घोषणा नहीं की गई है। हालांकि, मौलाना के बयान ने धार्मिक माहौल को गरमा दिया है और इसके राजनीतिक परिणाम भी सामने आने लगे हैं।