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कोलकाता में कैदियों के लिए बनेगा आइसोलेशन सेल

29 Jul, 2020 778

संवाददाता/in24 न्यूज़.
कोरोना के संकट ने कई नए नियम तक बनवा दिए. लॉकडाउन से हर किसी को पता चला कि इसका मतलब क्या होता है! बहरहाल, कोलकाता की जेलों में बंद कैदियों की सुरक्षा के लिए पुलिस ने अलग से आइसोलेशन सेल बनाने का निर्णय लिया है ताकि वे कोरोनावायरस की चपेट में आने से बच सकें। कोलकता पुलिस के खुफिया विभाग के एक दर्जन से अधिक अधिकारियों को इस माह की शुरुआत में क्वारंटाइन होना पड़ा था। क्योंकि एक आरोपित में पूछताछ के दौरान कोरोना के लक्षण दिखे और बाद में उसकी जांच हुई तो वह कोरोना संक्रमित निकला था। यही नहीं पुलिस की उक्त टीम की एक अधिकारी का पहले ही रिपोर्ट पॉजिटिव आ चुकी है। कोलकाता पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि हम मुख्यालय में आइसोलेशन लॉकअप स्थापित करने की योजना बना रहे हैं ताकि गिरफ्तार किए गए व्यक्ति जिसमें कोरोना के लक्षण दिखे उसे अलग रखा जा सके। लॉकडाउन की अवधि के दौरान अपराधिक घटनाओं में भारी गिरावट आई है। कोलकाता पुलिस हर माह औसतन 1400-1500 अपराध की घटनाएं दर्ज करती थी। अप्रैल में यह संख्या 25 मार्च को पूरे देश में लॉकडाउन घोषित होने के बाद लगभग 300 तक गिर गई थी। जून में लगभग 900 मामले दर्ज किए गए थे। स्थानीय थाने को ऐसी व्यवस्था देखने के लिए कहा गया है जहां आइसोलेशन वाले लॉकअप स्थापित किया जा सके। अधिकारियों ने कहा कि सभी थानों में आवश्यक बुनियादी ढांचा नहीं हो सकता है। सूबे में पुलिसकर्मियों के बीच अब तक एक हज़ार से अधिक मामलों का पता चला है। तीन पुलिसकर्मियों की मौत हो गई है। स्थानीय थाने, होटल और सामुदायिक केंद्र भी बुक कर रहे हैं जो अस्थाई बैरक के रूप में काम करेंगे। कुछ पुलिस स्टेशनों में ग्लास क्यूबिकल लगाए जा रहे हैं, जहां अधिकारी थानों में आने वाले लोगों से मिल सकते हैं। आइसोलेशन लॉकअप के जरिए कैदियों को न सिर्फ महामारी से बचाव में मदद मिलेगी जबकि बल्कि पुलिस अधिकारी भी सुरक्षित रहेंगे। यानी अब कैदियों के साथ जेल प्रशासन भी बिना किसी संशय के अपना काम कर पायेगा.  

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