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जहरीली हवा की गिरफ्त में मुंबई, दुनिया के प्रदूषित शहरों में तीसरे नंबर पर

22 Oct, 2026 12

देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में वायु प्रदूषण का स्तर चिंताजनक होता जा रहा है। वायु गुणवत्ता रैंकिंग के अनुसार, मुंबई 166 एक्यूआई के साथ दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों की सूची में तीसरे स्थान पर पहुंच गई है। वहीं, 192 एक्यूआई के साथ मलेशिया की राजधानी कुआलालंपुर पहले और 170 एक्यूआई के साथ कोलकाता दूसरे स्थान पर है। गौरतलब है कि एक सप्ताह पहले मुंबई इस सूची में पांचवें स्थान पर थी।

शहर में बढ़ते प्रदूषण के पीछे वाहनों से निकलने वाला धुआं, निर्माण स्थलों की धूल, औद्योगिक उत्सर्जन और सड़कों पर जमा धूल जैसे कारण माने जा रहे हैं। मुंबई में मेट्रो, फ्लाईओवर, सड़कों और इमारतों के निर्माण कार्यों के दौरान उड़ने वाली धूल भी वायु गुणवत्ता को प्रभावित कर सकती है। बारिश थमने के बाद सड़कों पर जमा धूल हवा में घुलने से प्रदूषण की समस्या और बढ़ सकती है।

प्रदूषित हवा में मौजूद पीएम2.5 जैसे सूक्ष्म कण स्वास्थ्य के लिए विशेष रूप से हानिकारक हैं। ये कण फेफड़ों के भीतर तक पहुंच सकते हैं और सांस संबंधी समस्याओं को बढ़ा सकते हैं। बच्चों, बुजुर्गों, अस्थमा के मरीजों और खुले में काम करने वाले लोगों पर इसका अधिक प्रभाव पड़ने की आशंका रहती है। लंबे समय तक प्रदूषित हवा के संपर्क में रहने से हृदय और फेफड़ों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल असर पड़ सकता है।

ऐसे में मुंबई में वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाने की जरूरत है। मुंबई महानगरपालिका और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण, सड़कों की नियमित सफाई, वाहनों के उत्सर्जन की निगरानी और प्रदूषण संबंधी नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करना होगा। इसके साथ ही सार्वजनिक परिवहन के उपयोग को बढ़ावा देना और हरित क्षेत्रों का संरक्षण भी जरूरी है।

मुंबई की आर्थिक प्रगति के साथ नागरिकों के स्वास्थ्य की सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। शहरवासियों को स्वच्छ हवा उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन को ठोस कदम उठाने होंगे, ताकि बढ़ते वायु प्रदूषण पर नियंत्रण पाया जा सके।

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