नदी में फंसे चार बच्चों की बचाई गई बमुश्किल जान
संवाददाता/in24 न्यूज़.
मध्यप्रदेश में नदी में डूबते हुए चार बच्चों की जान बचा ली गई है। सागर जिले के गढ़ाकोटा से निकली सुनार नदी में अचानक पानी आ जाने से चार बच्चे बीच नदी में फंस गए। सूचना मिलते ही प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची। आनन-फानन में स्थानीय गोताखोरों को बुलाया गया लेकिन पानी के बहाव इतना तेज था कि गोताखोर सफल नहीं हो पाए। जिसके बाद सागर से एसडीआरएफ टीम को बुलाया गया। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमले में एडीशनल एसपी, एसडीओपी, एसडीएम रहली, गढ़ाकोटा तहशीलदार, पुलिस और क्षेत्रीय लोग घटनास्थल पर पहुंच गए। आनम-फानन में स्थानीय गोताखोरों को बुलाया गया जो बड़ी मेहनत के बाद उन बच्चों के पास पहुंच तो गए थें, लेकिन पानी के तेज बहाव के कारण गोताखोर सफल नहीं हो पाए। जिसके बाद सागर से एसडीआरएफ टीम को बुलाया गया। कुछ ही समय में एसडीआरएफ टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया गया। करीब दो घंटे कि मशक्कत के बाद टीम सफल हुई और चारों बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। फिर उन बच्चों को एंबुलेंस की मदद से सामाजिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। गौरतलब है कि बुधवार की रात प्री मानसून की बारिश हुई थी और गुरुवार सुबह जब बच्चे सुनार नदी में थे। उसी दौरान बारिश की वजह से अचानक तेज बहाव आया और वे उसमें में फंस गए। जानकारी के मुताबिक, बच्चों के नाम राजेन्द्र (13 वर्ष) पिता रतन पटेल, दुर्गेश (15 वर्ष) मोहन रजक, कृष्ण कुमार (15 वर्ष) पिता भगवान सींग लोधी और आनंद (10 वर्ष) पिता रतन पटेल हैं। यह बच्चे गढ़ाकोटा से करीब 3 किलोमीटर दूर स्थित रनगुंवा गांव के हैं। रेस्क्यू कर बच्चों को सुरक्षित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजने के बाद सागर कलेक्टर दीपसिंह और सागर एसपी बच्चों से मिलने पहुंचे और एसडीआरएफ टीम को शुभकामनाएं दी साथ ही टीम के सभी सदस्यों को मिठाई खिलाई। ऐसे में यही कहा जा सकता है कि जाको राखे साइयां मार सके ना कोय!