डिजिटल भुगतान पर कोई शुल्क नहीं : आरबीआई
संवाददाता/in24 न्यूज़.
बैंक से लोन लेनेवालों को तब राहत मिलती है जब ईएमआई में कमी आती है. मगर आजकल ऑनलाइन पेमेंट के ज़रिये लेनदेन में वृद्धि हुई है. अब रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया ने तय किया है कि ऑनलाइन पेमेंट पर शुल्क नहीं लिया जाएगा। गौरतलब है कि आनेवाले नए में ग्राहकों को बैंकों की ओर से नयी सौगात मिल सकती है. जनवरी 2020 से ग्राहक को बैंकों से एनईएफटी के जरिये किए जाने वाले लेनदेन के लिए कोई शुल्क नहीं देना होगा. नोटबंदी की तीसरी वर्षगांठ पर डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भारतीय रिजर्व बैंक ने इस संबंध में एक प्रस्ताव पेश किया है. केंद्रीय बैंक ने पार्किंग और पेट्रोल पंपों पर भुगतान के लिए फास्ट टैग का इस्तेमाल करने के लिए जरूरी व्यवस्था किए जाने का प्रस्ताव रखा है. अक्टूबर 2018 से सितंबर 2019 के बीच कुल गैर-नकद खुदरा भुगतान में डिजिटल भुगतान की हिस्सेदारी 96 प्रतिशत रही है. इसी अवधि में राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक कोष हस्तांतरण (एनईएफटी) और एकीकृत भुगतान इंटरफेस (यूपीआई) प्रणालियों से क्रमश: 252 करोड़ और 874 करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ है. सालाना आधार पर इनके लेनदेन में क्रमश: 20 प्रतिशत और 263 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. केंद्रीय बैंक ने एक बयान में कहा, भुगतान प्रणालियों में इस उल्लेखनीय वृद्धि की वजह रिजर्व बैंक द्वारा इस संबंध में कई कदम उठाया जाना है. ऐसे में अब हर नागरिक को असाधारण भुगतान अनुभव के लिये सशक्त करने के लिए रिजर्व बैंक ने बैंकों को निर्देश दिया है कि एनईएफटी प्रणाली के तहत बचत खातों से किए जाने वाले ऑनलाइन लेनदेन के लिए ग्राहकों से कोई शुल्क ना लिया जाए.’’