निजीकरण के खिलाफ सरकारी बैंक (UFBU) दो दिवसीय हड़ताल पर
संवाददाता/in24 न्यूज़.
निजीकरण के खिलाफ देशभर के अलग-अलग सरकारी बैंकों में काम करने वाले कर्मचारी गुरुवार और शुक्रवार को दो दिन के देशव्यापी हड़ताल पर चल रहे हैं। अगर आज आप भी किसी जरूरी काम के सिलसिले में बैंक जाने वाले हैं तो ऐसा हो सकता है कि आज आपका काम न हो पाए। इतना ही नहीं, ऐसा भी हो सकता है कि कल यानि शुक्रवार को भी आपका काम न हो पाए। बैंक से जुड़ा आपका कोई भी जरूरी काम अब शनिवार, 18 दिसंबर को ही हो पाएगा। बता दें कि यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के तत्वावधान में बैंक यूनियनों ने 2021-22 के बजट में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के निजीकरण के प्रस्ताव के खिलाफ आज औऱ कल हड़ताल का आह्वान किया है। बजट में सरकार ने दो सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का निजीकरण करने की घोषणा की थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दो दिन तक रहने वाली इस हड़ताल में 4 हजार से भी ज्यादा शाखाओं के करीब 9 लाख कर्मचारी कामकाज नहीं करेंगे। सरकारी बैंकों के निजीकरण के खिलाफ होने वाली इस हड़ताल को लेकर UFBU के एक अधिकारी ने कहा कि केंद्र सरकार मौजूदा शीतकालीन सत्र में एक ऐसा कानून लेकर आ रही है, जिससे किसी भी सरकारी बैंक का आसानी से निजीकरण किया जा सकेगा। अधिकारी ने कहा कि बैंकों के निजीकरण से सबसे ज्यादा नुकसान बैंक कर्मचारियों को होगा। यही वजह है कि बैंक यूनियन सरकार के इस फैसले के विरोध में गुरुवार और शु्क्रवार को हड़ताल पर रहेंगे। वहीं भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) सहित सार्वजनिक क्षेत्र के कई बैंकों ने यूनियनों से दो दिन की राष्ट्रव्यापी हड़ताल पर जाने के अपने फैसले पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया है। बैंकों ने यूनियनों को बातचीत के लिए बुलाया है। इसके अलावा देश के तकरीबन सभी सरकारी बैंकों ने अपने कर्मचारियों से अपील की है कि वे इस हड़ताल में शामिल न होकर कामकाज पर ध्यान दें। बता दें कि सरकारी बैंकों में दो दिन भले ही कामकाज बंद रहेगा पर ऑनलाइन सुविधा जारी रहेगी।