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आतंकवाद के खिलाफ अब हर बड़ी साजिश को समय से पहले एक्सपोज करेगी एसआईए

02 Nov, 2021 747

संवाददाता/in24 न्यूज़।
आतंकवाद आज नासूर की तरह हो गया है। जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने राज्य जांच एजेंसी के नाम से एक नई विशेष जांच एजेंसी के निर्माण के लिए मंजूरी दे दी है। एसआईए मुख्य रूप से आतंकवाद और इससे जुड़े अपराधों से संबंधित मामलों की जांच करेगी। एसआईए राष्ट्रीय जांच एजेंसी और अन्य केंद्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय करने के लिए नोडल एजेंसी होगी और आतंकवाद से संबंधित मामलों की त्वरित और प्रभावी जांच करेगी।एजेंसी को केंद्र शासित प्रदेश में काम करने वाली सीआईडी और संबद्ध एजेंसियों से अलग स्थापित किया जाएगा। सीआईडी विंग के प्रमुख के पदेन निदेशक के रूप में जम्मू-कश्मीर में एक एसआईए निदेशालय स्थापित किया जाएगा। निदेशालय में अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति सरकार करेगी।पुलिस थानों के सभी प्रभारी अधिकारियों को आतंकवाद से संबंधित मामलों के पंजीकरण पर तत्काल एसआईए को अनिवार्य रूप से सूचित करना होगा और ऐसे मामलों के बारे में भी जहां जांच के दौरान कोई आतंकवाद संबंध सामने आता है। गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, सार्क कन्वेंशन (आतंकवाद का दमन) अधिनियम, सामूहिक विनाश के हथियार और उनके वितरण सहित आईपीसी के कृत्यों और प्रावधानों से संबंधित अपराधों को एजेंसी के दायरे में शामिल किया गया है। आतंकवाद से संबंध रखने वाले अपराध, आतंकवादी वित्तपोषण और उच्च गुणवत्ता वाले नकली भारत मुद्रा नोटों के संचलन सहित सभी आतंकवादी कार्य एसआईए के दायरे में आएंगे। आतंकवाद से संबंधित बड़े षड्यंत्र के मामले और आतंकवाद से संबंधित मामले प्रचार, झूठी कथा, बड़े पैमाने पर उकसावे, असंतोष का प्रसार, भारतीय संघ के खिलाफ दुश्मनी भी इसका हिस्सा होगा। ऐसे मामलों में जहां एनआईए द्वारा जांच नहीं की जाती है, जम्मू-कश्मीर के डीजीपी, अपराध की गंभीरता, जांच की प्रगति और अन्य प्रासंगिक कारकों के संबंध में एसआईए के परामर्श से यह निर्धारित करेंगे कि क्या मामला उपयुक्त है या नहीं एसआईए जांच करेगी। इस बीच, एसआईए राष्ट्रीय जांच अधिनियम, 2008 की धारा 7 के तहत यूटी को स्थानांतरित किए जाने वाले मामलों में अपराधों की जांच और परीक्षण के लिए एजेंसी भी होगी। ऐसे में आतंक और आतंकियों के खिलाफ यह बेहद कारगर कदम साबित होगा।

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