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उदारीकरण की नीतियों पर खड़े किए गए आर्थिक सुधारों को जारी रखने की जरूरत-मनमोहन सिंह

08 Sep, 2019 1141
संवाददाता/in24 न्यूज़। 
पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि उदारीकरण की नीतियों पर खड़े किए गए आर्थिक सुधारों को जारी रखने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि एक सोची-समझी रणनीति से ही भारत को पांच हजार अरब डालर की अर्थव्यवस्था बनाया जा सकता है। मनमोहन एक निजी विश्वविद्यालय के कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि गरीबी, सामाजिक असमानता, सांप्रदायिकता, धार्मिक कट्टरवाद और भ्रष्टाचार लोकतंत्र के सामने कुछ प्रमुख चुनौतियां हैं। उन्होंने कहा, ‘इस समय हमारी अर्थव्यवस्था धीमी पड़ती दिखती है। जीडीपी वृद्धि दर में गिरावट आ रही है। निवेश की दर स्थिर है। किसान संकट में हैं। बैंकिंग प्रणाली संकट का सामना कर रही है। बेरोजगारी बढ़ती जा रही है। भारत को पांच हजार अरब डालर की अर्थव्यवस्था बनाने के लिए हमें एक अच्छी तरह से सोची समझी रणनीति की जरूरत है।’ उन्होंने सुझाव दिया कि सरकार को टैक्स आतंकवाद रोकना चाहिए, विरोधी विचारों की आवाजों का सम्मान करना चाहिए और सरकार के हर स्तर पर संतुलन लाना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमें संसद और इसकी प्रक्रियाओं की सर्वोच्चता का सम्मान करना होगा। जेके लक्ष्मीपत विश्वविद्यालय में इस कार्यक्रम में मनमोहन ने यह भी कहा कि उच्चतम न्यायालय, निर्वाचन आयोग, कैग, सीबीआई, सतर्कता आयोग, सूचना आयोग जैसे संस्थानों से अपेक्षा रहती है कि वे संविधान के ढांचे के भीतर स्वतंत्र रूप से काम करेंगे। उन्होंने कहा, 'हमें हमेशा अपराध और भ्रष्टाचार को कम करने, विधिसम्मत शासन को मजबूत करने तथा विकास के एक इंजन के रूप में निवेश के लिए अनुकूल माहौल बनाने के उद्देश्य से काम करना चाहिए।' मनमोहन को जेकेएलयू लॉरेट अवार्ड 2019 से सम्मानित किया गया है।

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