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ऑपरेशन ऑक्टोपस से झारखंड हुआ माओवादी-नक्सलियों से आज़ाद

18 Sep, 2022 521

संवाददाता/in24 न्यूज़.
माओवादी-नक्सलियों (Maoist-Naxalites) के सबसे बड़े गढ़ बूढ़ा पहाड़ को सुरक्षा बलों और पुलिस ने पूरी तरह फतह कर लिया है। झारखंड (Jharkhand) में करीब एक महीने से चलाया जा रहा ऑपरेशन ऑक्टोपस (Operation Octopus) पूरी तरह कामयाब रहा है। इसकी तमाम चोटियों पर अब पुलिस का कैंप है। शुक्रवार को इस पहाड़ पर एयरफोर्स का एमआई हेलीकॉप्टर उतारा गया। जवानों ने तालियां बजाकर जीत की खुशी का इजहार किया। झारखंड पुलिस के आईजी ऑपरेशन एवी होमकर ने बताया कि बूढ़ा पहाड़ की चोटी पर कब्जे के बाद अब सुरक्षा बलों का कैंप स्थापित कर लिया गया है। अब वहां जवानों को रसद और दूसरे सामान की आपूर्ति हेलीकॉप्टर और दूसरे साधनों से की जाएगी। ये कैंप अब यहां स्थायी तौर पर रहेंगे, ताकि नक्सली वहां फिर से अपना ठिकाना नहीं बना सकें। झारखंड की डीजीपी नीरज सिन्हा भी अगले कुछ दिनों में जवानों का हौसला बढ़ाने के लिए बूढ़ा पहाड़ पहुंच सकते हैं। 55 वर्ग किलोमीटर में फैले और झारखंड के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के जंगलों से घिरे बूढ़ा पहाड़ पर पिछले 32 सालों से नक्सलियों का कब्जा था। यह उनका अभेद्य दुर्ग बना हुआ था। झारखंड की राजधानी रांची से करीब डेढ़ सौ किलोमीटर दूर लातेहार के गारू प्रखंड के सुदूर गांवों से शुरू होने वाला यह पहाड़ इसी जि़ले के महुआडांड़, बरवाडीह होते हुए दूसरे जि़ले गढ़वा के रमकंडा, भंडरिया के इलाके में फैला है। पहाड़ की दूसरी तरफ छत्तीसगढ़ का इलाका है। बता दें कि इस ऑपरेशन से माओवादी-नक्सलियों की कमर तोड़ दी गई है।

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