Breaking News

कोयले की कमी से बढ़ सकता है बिजली का संकट

23 Apr, 2022 499

संवाददाता/in24 न्यूज़.
कोयले की कमी ने चिंता बढ़ाने का काम शुरू कर दिया है. गर्मियां आते ही बिजली मांग तेज हो जाती है और इसका खामियाजा कटौती के रूप में लोगों को भुगतना पड़ता है. अप्रैल में भीषण गर्मी के चलते बिजली की खपत बढ़ी है और इसी वजह से बिजली की कटौती भी शुरू हो गई है. जिसकी वजह कोयले की कमी का होना है. देश के सात राज्यों में इनदिनों घंटों बिजली कटौती हो रही है. बता दें कि ये इसी सील नहीं हो रहा बल्कि हर साल गर्मी के सीजन में देश में बिजली की मांग चरम पर होती है, लेकिन कोयले की कमी के कारण कई राज्यों में संकट गहरा जाता है. आधिकारिक सूत्रों के अनुसार पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, आंध्र प्रदेश, गोवा व कर्नाटक में मध्य मार्च से ही गर्मी बढ़ गई थी. इस कारण इन राज्यों में बिजली की मांग एकदम बढ़ गई. बताया जा रहा है कि बिजली की डिमांड बढ़ने और कोयले की कमी के चलते राज्यों को उद्योगों व कृषि क्षेत्र के लिए बिजली आपूर्ति का कार्यक्रम नए सिरे से बनाना पड़ रहा है. साथ ही इन्हें कई घंटों कटौती भी करनी पड़ रही है. माना जा रहा है कि अगले कुछ दिनों में देश के कुछ राज्यों को गंभीर बिजली संकट पैदा हो सकता है. बता दें कि देश में अप्रैल के पहले पखवाड़े में बिजली की मांग पिछले 38 सालों के उच्च स्तर पर पहुंच गई है. इसी बीच यूक्रेन संकट के कारण आयातित कोयले की आपूर्ति पर असर पड़ने लगा है. यही कारण देश के ताप बिजली घरों में कोयला का स्टॉक तेजी से घटा है. बता दें कि आमतौर पर कोयला संयंत्रों को पूर्ण क्षमता से चलाने के लिए 26 दिन का स्टॉक जरूरी होता है,  लेकिन कोयले की प्रचूरता वाले राज्यों को छोड़कर अन्य राज्यों में भारी किल्लत हो गई. राष्ट्रीय स्तर पर देखें तो यह 36 फीसदी रह गया. इन राज्यों में सबसे अधिक कोयला है उनमें ओडिशा, झारखंड व छत्तीसगढ़ शामिल हैं. वहीं बंगाल में कोयले का स्टॉक सामान्य से 1 -5 फीसदी, राजस्थान में 1 से 25 फीसदी, यूपी में 14 से 21 फीसदी और मध्यप्रदेश में में 6 से 13 फीसदी रह गया. देश में राष्ट्रीय औसत स्टॉक भी पिछले सप्ताह सामान्य स्तर से दो फीसदी कम होकर 36 फीसदी रह गया. गौरतलब है कि देश में पीक अवर में बिजली की फिलहाल कुल मांग 1,88,576 मेगावाट है. इसमें 3,002 मेगावाट की ही कमी बताई जा रही है, लेकिन दूसरी ओर कई राज्य भारी कमी झेल रहे हैं. उन्हें कटौती पर मजबूर होना पड़ रहा है. इसलिए वे राज्य केंद्र से अतिरिक्त बिजली मांग रहे हैं. मध्य प्रदेश व पंजाब भी केंद्र से ज्यादा बिजली मांग रहे हैं. यह भी कहा जा रहा है कि ज़रूरत के हिसाब से ही बिजली का इस्तेमाल करें.

अन्य खबरे