झारखंड में आर्मी में इस्तेमाल किया जाने वाला ग्रेनेड उग्रवादियों के पास से बरामद
संवाददाता/in24 न्यूज़.
आतंकवाद आज की एक बड़ी समस्या है, मगर हमारे देश के सुरक्षाबल और पुलिस ने सदैव अपनी हिम्मत से उन्हें ललकारा है और खदेड़ा है। झारखंड में पहली बार आर्मी में इस्तेमाल किया जाने वाला ग्रेनेड उग्रवादियों के पास से बरामद किया गया है। टीपीएससी के हार्डकोर उग्रवादी और सबजोनल कमांडर आदेश गंझू की गिरफ्तारी के बाद उसकी निशानदेही पर मिले एचई ग्रेनेड ने राज्य पुलिस मुख्यालय और सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। अत्याधुनिक 40 मिमी एचई ग्रेनेड शक्तिशाली विस्फोटक है जिसका उपयोग सुरक्षाबलों, संवेदनशील प्रतिष्ठानों और लक्षित वाहनों को नुकसान पहुंचाने के लिए किया जा सकता है। पुलिस पता लगाने में जुटी है कि उग्रवादियों तक ये ग्रेनेड कैसे पहुंचे। बालूमाथ में जेएमएम नेता सह कोयला व्यवसाई दिलशेर हत्याकांड का भी अभियुक्त है आदेश उर्फ मंगरा गंझू। दिलशेर बालूमाथ स्थित कोयला साइडिंग का इंचार्ज था। उसकी हत्या 24 अप्रैल को दिनदहाड़े कर दी गई थी। तलाशी अभियान में एक 7.65 एमएम पिस्टल, 7.65 एमएम की पांच गोलियां, 9 एमएम की 56 गोलियां, 7.62 एमएम की 120 गोली, एसएलआर 7.62 एमएम की 680 व 1230 गोलियां, 40 मिमी एचई ग्रेनेड 30 के 30 टुकड़े, इंसास 5.56 मिमी की 823 राउंड गोलियां, वॉकी-टॉकी के आठ सेट व एके -47, एसएलआर, इंसास राइफल के अलग-अलग हिस्से मिले हैं। छापेमारी में बालूमाथ एसडीपीओ अजीत कुमार, थाना प्रभारी प्रशांत प्रसाद, हेरहंज थाना प्रभारी मुकेश चौधरी आदि शामिल थे। झारखंड पुलिस आईजी अभियान के अमोल वी होमकर ने कहा कि पुलिस ने पहली बार घातक ग्रेनेड बरामद किया है। मामले में बड़े खुलासे हो सकते हैं। फिलहाल पुलिस गिरफ्तार उग्रवादियों से मिले इनपुट के आधार पर काम कर रही है। बता दें कि इनकी गिरफ़्तारी से एक बड़ा खतरा टल गया है।