पीएम मोदी ने जम्मू-कश्मीर में किया आयुष्मान भारत योजना लॉन्च
संवाददाता/in24 न्यूज़.
कोरोना संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के लोगों के लिए एक स्वास्थ्य योजना का शुभारंभ किया है। पीएम मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए आयुष्मान भारत योजना के तहत जम्मू-कश्मीर के लिए प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, सेहत की शुरुआत की। इस मौके पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और जम्मू-कश्मीर के उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा भी उपस्थित रहें। ये पीएम-जय के नाम से भी जानी जाती है। आयुष्मान भारत योजना लॉन्च करने के बाद पीएम मोदी ने इसके लाभार्थियों से बातचीत की और उन्हें हेल्थ कार्ड दिए गए। विभिन्न लोगों ने अपनी बीमारी और ठीक होने के अनुभव पीएम मोदी के साथ साझा किए। पीएम मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संबोधन के वक्त अटल बिहारी वाजपेयी को याद किया। उन्होंने कहा कि अटल जी कश्मीर को बहुत पसंद करते थे। उन्होंने इंसानियत, जम्हूरियत और कश्मीरियत जैसे नारों से हमें प्रेरणा दी। पीएम मोदी ने कहा, जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने लोगों का विश्वास मजबूत किया है। यहां पारदर्शी चुनाव कराना गर्व की बात है। पीएम मोदी ने आगे कहा कि महात्मा गांधी ने ग्राम स्वराज का नारा दिया था। हमने उनके सपने को पूरा किया। हम जम्मू-कश्मीर में सरकार का हिस्सा (पीडीपी के साथ गठबंधन) थे, लेकिन हमने उस सरकार का साथ छोड़ दिया क्योंकि हम पंचायती राज की संस्थाओं को मजबूत करना चाहते थे। हम चाहते थे कि पंचायती राज संस्थानों के लिए चुनाव हों। हमने जनता के लिए कुर्सी छोड़ी। इस मौके पर गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के हर शख्स को इस योजना का लाभ मिलेगा। हर कश्मीरी इस योजना का लाभ ले पाएगा, इसके लिए 229 सरकारी अस्पताल और 35 प्राइवेट अस्पताल सूचीबद्ध किए गए हैं। उन्होंने एलजी मनोज सिन्हा को श्रेय देते हुए कहा कि पीएम मोदी हमेशा कहते हैं कि विकास जमीनी स्तर तक पहुंचना चाहिए। डीडीसी चुनावों का जिक्र करते हुए शाह ने कहा, डीडीसी चुनावों के बाद विकास गांव तक, घर तक पहुंच पाएगा। लॉन्चिंग से पहले केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि हम जम्मू-कश्मीर के विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं और कई योजनाएं चल रही हैं। जम्मू-कश्मीर हिंसा से मुक्त हुआ है। काफी समय बाद जम्मू-कश्मीर में बिना कोई हिंसा के कोई चुनाव हुआ। एलजी मनोज सिन्हा ने कहा कि 28 दिसंबर को नवनिर्वाचित डीडीसी सदस्य शपथ लेंगे। जम्मू देश का इकलौता शहर है, जहां आईआईएम, आईआईटी और आईआईएमसी हैं।उन्होंने कहा कि 2 एम्स जम्मू-कश्मीर को आवंटित हुए हैं। इस योजना में जम्मू-कश्मीर के सभी निवासी शामिल हुए। इस अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और जम्मू-कश्मीर के उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा भी उपस्थित रहे। बताया गया है कि ये योजना जम्मू-कश्मीर में रहने वाले सभी लोगों को फ्री बीमा कवर देगी। इसके अंतर्गत जम्मू-कश्मीर के सभी निवासियों को फ्लोटर बेसिस पर पांच लाख रुपये प्रति परिवार वित्तीय कवर उपलब्ध कराया जाएगा। कहा जा रहा है कि पीएम-जय योजना के परिचालन विस्तार से 15 लाख (लगभग) अतिरिक्त परिवारों को लाभ होगा। ये योजना बीमा मोड पर पीएम-जय के साथ मिलकर संचालित होगी। इस योजना का लाभ पूरे देश में कहीं भी उठाया जा सकता है। पीएम-जेएवाई योजना के तहत सूचीबद्ध अस्पताल इस योजना के तहत भी सेवाएं प्रदान करेंगे। इस योजना का लाभ पूरे देश में कहीं भी उठाया जा सकता है। पीएम-जेएवाई योजना के तहत सूचीबद्ध अस्पताल इस योजना के तहत भी सेवाएं प्रदान करेंगे। सार्वभौम स्वास्थ्य कवरेज (यूएचसी) में स्वास्थ्य संवर्धन से लेकर रोकथाम, उपचार, पुनर्वास और आवश्यक, क्वालिटी हेल्थ सर्विसिज का पूरा स्पेक्ट्रम और मेडिकल देखभाल शामिल है। इसके जरिए सेवाओं तक सभी की पहुंच होती है, लोगों को अपनी जेब से स्वास्थ्य सेवाओं के लिए भुगतान करने की जरूरत नहीं पड़ती है और इलाज के चलते लोगों के गरीबी के दलदल में फंसने का जोखिम कम करता है। आयुष्मान भारत कार्यक्रम के दो स्तंभों स्वास्थ्य और कल्याण केंद्रों और प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज हासिल करने की परिकल्पना की गई है। बता दें कि प्रधानमंत्री ने स्वास्थ्य को हमेशा प्राथमिकता देने का काम किया है.