प्रदर्शनकारी किसानों को दिल्ली में घुसने की इजाज़त नहीं
संवाददाता/in24 न्यूज़.
किसान बिल पास होने के बावजूद किसानों में असंतोष बहुत अधिक बढ़ गया है. हरियाणा के किसानों ने गुरुवार सुबह हरियाणा के फतेहाबाद जिले से 'दिल्ली चलो' मार्च की शुरुआत कर ली है. इस बीच दिल्ली की सीमाओं पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है. पंजाब और हरियाणा के किसान केंद्र सरकार के नए कृषि कानूनों पर दो दिवसीय विरोध प्रदर्शन 'दिल्ली चलो’ मार्च निकाल रहे हैं. हालांकि हरियाणा या उत्तर प्रदेश के साथ दिल्ली के किसी भी हिस्से से गुरुवार सुबह कोई अप्रिय घटना की सूचना नहीं है, लेकिन पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी और अर्धसैनिक बल वहां कड़ी चौकसी सुनिश्चित करने के लिए डेरा डाले हुए हैं. उधर अंबाला (हरियाणा) के पास शंभू बॉर्डर पर इकट्ठा हुए किसानों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया. दिल्ली के सीएम केजरीवाल ने कहा कि केंद्र सरकार के तीनों खेती बिल किसान विरोधी हैं. ये बिल वापिस लेने की बजाय किसानों को शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने से रोका जा रहा है, उन पर वॉटर कैनन चलाई जा रही हैं. किसानों पर ये जुर्म बिलकुल ग़लत है. शांतिपूर्ण प्रदर्शन उनका संवैधानिक अधिकार है. पुलिस उपायुक्त और दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता ईश सिंघल ने कहा कि अभी तक स्थिति सामान्य है और सभी सीमावर्ती क्षेत्रों में दंगा-निरोधी और अर्धसैनिक बल के जवानों के साथ-साथ पुलिस बल पर्याप्त रूप से तैनात हैं. उन्होंने “किसान अभी तक हमारी सीमाओं तक नहीं पहुंचे हैं. अब तक हमें शहर के किसी भी हिस्से से किसी भी झड़प या हिंसा की खबर नहीं मिली है. अधिकारी ने कहा कि सीमाओं से गुजरने वाले सभी वाहनों की जांच की जाती है. उन्होंने कहा कि जो लोग सीमाओं को पार कर रहे हैं, उन्हें उचित सत्यापन और क्रेडेंशियल जांच के बाद ही ऐसा करने की अनुमति दी जा रही है. दिल्ली में ट्रकों और ट्रैक्टरों से प्रवेश करने से किसानों को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस ने एक नई रणनीति का भी सहारा लिया है. एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि मिट्टी और बालू से लदे डंपरों को बैरिकेड्स के साथ सिंघू बॉर्डर पर तैनात किया गया है, ताकि कोई भी वाहन जबरदस्ती न रोक सके.'' सितंबर में किसानों का एक समूह एक ट्रक के अंदर ट्रैक्टर के साथ इंडिया गेट तक पहुंचने में कामयाब रहा था, उन्होंने राजपथ एक ट्रैक्टर पर आग लगा दी थी. बुधवार को दिल्ली पुलिस ने केंद्र सरकार के नए कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली में विरोध प्रदर्शन करने के लिए किसान समूहों और संगठनों के सभी अनुरोधों को ठुकरा दिया था. सिंघल ने बुधवार को कहा था कि विभिन्न किसान संगठनों ने 26 और 27 नवंबर को दिल्ली में विरोध प्रदर्शन की अनुमति देने का अनुरोध किया था. सिंघल ने कहा कि उन्होंने किसानों को लिखित रूप से और विभिन्न मीडिया के माध्यम से अवगत कराया है दिल्ली में कोरोना वायरस माहमारी के मद्देनजर विरोध प्रदर्शन की अनुमति नहीं है. डीसीपी ने कहा है कि अगर हमारी अपील के बावजूद वे दिल्ली में रहते हैं, तो उनके खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी. किसानों को प्रतिबंधों से अवगत कराने और उनके अनुरोधों को अस्वीकार करने के लिए दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया का भी सहारा लिया है. बता दें कि किसानों के अंदर सरकार के खिलाफ नाराज़गी बनी हुई है.