प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नए संसद भवन की रखी आधारशिला
संवाददाता/in24 न्यूज़.
संसद को लोकतंत्र का मंदिर कहा जाता है. करीब 75 साल बाद नई संसद बनने की तस्वीर सामने आई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज नए संसद की आधारशिला रख दी है। पीएम मोदी ने पहले भूमि पूजन किया, इसके बाद नए भवन की नींव रखी गई और सर्वधर्म प्रार्थना भी की गई। इस समारोह में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला, संसदीय कार्य मंत्री प्रहलाद जोशी, आवास एवं शहरी मामलों के राज्य मंत्री हरदीप सिंह पुरी और राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह शामिल हुए। इसके अलावा केंद्रीय कैबिनेट मंत्री, राज्य मंत्री, संसद सदस्य, सहित लगभग 200 नेता लाइव वेबकास्ट के जरिये भूमि पूजन समारोह में मौजूद रहें। बता दें कि अक्टूबर 2022 तक नए भवन का निर्माण पूरा करने की तैयारी है, ताकि देश की आजादी की 75 वीं वर्षगांठ पर इसी भवन में सत्र का आयोजन हो। यह अगले सौ साल की जरूरतों के मद्देनजर बनाया जाएगा। ताकि भविष्य में सांसदों की संख्या बढ़ने पर भी कोई दिक्कत न आए। भूमि पूजन और शिलान्यास के बाद भी इमारत का निर्माण शुरू नहीं हो सकेगा। वजह है सुप्रीम कोर्ट की रोक। सुप्रीम कोर्ट ने नई संसद समेत कई अहम सरकारी इमारतों वाले सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट में किसी भी निर्माण पर फिलहाल रोक लगा रखी है। सुप्रीम कोर्ट की रोक का आधार सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर फैसला लंबित है। इन याचिकाओं पर कोर्ट ने 5 नवंबर को फैसला सुरक्षित रखा था। तब कोर्ट ने कहा था कि वह इस पहलू पर करेगा कि क्या प्रोजेक्ट के लिए सभी कानूनी ज़रूरतों का पालन किया गया है। फैसला आने से पहले ही संसद के शिलान्यास पर कोर्ट ने केंद्र से सफाई मांगी थी। जवाब में केंद्र ने कहा था कि फैसला आने से पहले न तो सेंट्रल विस्टा में कोई निर्माण होगा, न ही किसी पुरानी इमारत को गिराया जाएगा. पेड़ों को दूसरी जगह लगाने का काम भी रुका रहेगा। ऐसे में यह साफ है कि नई संसद और दूसरी इमारतों का निर्माण तभी शुरू हो सकेगा, जब कोर्ट उसे मंजूरी देगा। इस अवसर पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने कहा कि भारत की एकता सूत्र भी नए संसद में देखने को मिलेगा.