बिजली गुल होने पर भी राष्ट्रपति मुर्मू ने दिया भाषण
संवाददाता/in24 न्यूज़.
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (Draupadi Murmu) के संबोधन के दौरान ओडिशा (Odisha) के मयूरभंज में शनिवार को बिजली गुल हो गई। यह घटना न केवल राज्य सरकार के लिए शर्मिंदगी की वजह बनी, बल्कि इसने सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए। बता दें कि राष्ट्रपति मुर्मू बारीपोडा में स्थिति महाराजा श्रीराम चंद्र भंजदेव विश्वविद्यालय के छात्रों को संबोधित कर रही थीं। लाइट जाने की घटना उस वक्त हुई, जब राष्ट्रपति यूनिवर्सिटी के ऑडिटोरियम में मौजूद थीं। मुर्मू से पहले राज्यपाल गणेशी लाल अपना भाषण खत्म कर चुके थे। खबर के मुताबिक, राष्ट्रपति मुर्मू के भाषण के दौरान करीब नौ मिनट तक बिजली गुल रही। अंधेरे के चलते राष्ट्रपति के सिक्योरिटी गार्ड्स नजर नहीं आ रहे थे। उनके ADCs और सपोर्ट स्टाफ भी मौके पर मौजूद नहीं था। लाइट जाने के बाद भी राष्ट्रपति मुर्मू ने अपना भाषण नहीं रोका। वह पोडियम में लगी लाइट की मदद से स्पीच पढ़ती रहीं। इस दौरान अंधेरे में अपनी कुर्सियों पर बैठे छात्र और अन्य लोग उनका संबोधन सुनते रहे। बताया जा रहा है कि शनिवार दोपहर 11:56 से 12:05 बजे के बीच बिजली गुल रही। भाषण के दौरान लाइट जाने को लेकर राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि बिजली हमारे साथ लुका-छिपी खेल रही है। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि ऐसा लग रहा है आज के इस कार्यक्रम को देखकर बिजली को भी हमसे ईर्ष्या होने लगी है। हम अंधकार में बैठे हैं, लेकिन हम अंधकार और प्रकाश दोनों को समान रूप से लेंगे। उन्होंने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि सभी कॉम्पिटिशन में जीतने की कोशिश करनी चाहिए। इसके लिए आपको बेहतर कौशल और अधिक दक्षता की तरफ बढ़ना होगा। आप अपनी शक्तियों से नामुमकिन को भी मुमकिन कर सकते हैं। बिजली गुल होने की घटना को लेकर यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर संतोष कुमार त्रिपाठी का बयान आया है। उन्होंने इसके लिए माफी मांगी है। त्रिपाठी ने कहा कि मैं इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना के लिए खुद को दोषी मानता हूं। हम इसके लिए शर्मिंदा हैं। हम निश्चित रूप से घटना की जांच करेंगे। इसके लिए जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई जरूर होगी। बहरहाल, यह कोई छोटी घटना नहीं है जब इतने महत्वपूर्ण आयोजन में बिजली गुल हो गई।