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मन की बात में पीएम मोदी ने दिलाई कारगिल युद्ध की याद

26 Jul, 2020 775

संवाददाता/in24 न्यूज़.  
कारगिल दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश को कारगिल युद्ध की याद दिलाई। रविवार को कारगिल विजय दिवस पर सेना के साहस और संकल्प को सलाम करते हुए कहा कि भारत उन परिस्थितियों को कभी नहीं भूल सकता, जिसके तहत कारगिल का युद्ध हुआ था। पाकिस्तान ने भारत की भूमि को हथियाने और अपने आंतरिक संघर्ष से ध्यान हटाने के लिए बहुत प्रयास किए। कारगिल युद्ध के समय अटल जी ने लाल किले जो कहा था वो आज भी प्रासंगिक है। अटल जी ने कहा था कि कोई भी महत्वपूर्ण फैसला लेने से पहले हम यह सोचें कि क्या हमारा यह कदम उस सैनिक के सम्मान के अनुरूप है, जिसने दुर्गम पहाड़ियों पर शहादत दी थी। इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने आगामी त्योहारों के दौरान लोकल फॉर वॉकल की मुहिम से जुड़ने की अपील की। कारगिल विजय दिवस का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम मन की बात में कहा कि इस युद्ध में पूरी दुनिया ने भारतीय सैनिकों का पराक्रम देखा है। पहाड़ की ऊंचाई पर बैठे दुश्मन से लड़ते हुए हमारे सैनिकों और सेना ने ऊंचे हौसले और सच्ची वीरता का प्रदर्शन किया। प्रधानमंत्री ने लोगों से उस युद्ध में पराक्रम दिखाने वाले वीरों के बारे में जानकारी हासिल करने को कहा। उन्होंने लोगों से वेबसाइट www.gallantryawards.gov.in पर विजिट करने का आग्रह करते हुए कहा कि यहां आपको हमारे वीर पराक्रमी योद्धाओं के बारे में बहुत सारी जानकारियां प्राप्त होगी। ये जानकारियां जब आप अपने साथियों के साथ चर्चा करेंगे तो उनके लिए भी प्रेरणा का कारण बनेगी। आप जरूर इस वेबसाइट को विजिट कीजिये और मैं तो कहूंगा कि बार-बार कीजिये। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अटल जी के कारगिल युद्ध के बाद लाल किले से दिए गए भाषण का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अटलीजी ने उस दौरान हमें एक मंत्र दिया था। उन्होंने कहा था कि जिस प्रकार गांधी जी ने हमें दुविधा की स्थिति में गरीब से गरीब की ओर देखने की प्रेरणा दी थी। उसी प्रकार हमें कारगिल युद्ध को याद करते हुए कोई महत्वपूर्ण निर्णय लेने से पहले दुर्गम पहाड़ियों में अपने प्राणों की आहूति देने वाले सैनिकों को याद करना चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारे आचार-विचार, व्यवहार, बयान, मर्यादा और लक्ष्य सैनिकों का मनोबल और सम्मान बढ़ना चाहिए। ‘संघे शक्ति कलियुगे’ का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में भी कई मोर्चों पर लड़ाई लड़ी जा रही है और ऐसे में हमें हमारी भूमिका सैनिकों को याद करते हुए तय करनी चाहिए। उन्होंने कारगिल युद्ध में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उस समय, मुझे भी कारगिल जाने और हमारे जवानों की वीरता के दर्शन का सौभाग्य मिला, वो दिन मेरे जीवन के सबसे अनमोल क्षणों में से एक है। मैं, देख रहा हूं कि आज देश भर में लोग कारगिल विजय को याद कर रहे है। सोशल मीडिया पर एक हैशटैग#करेजइन कारगिल के साथ लोग अपने वीरों को नमन कर रहे हैं, जो शहीद हुए हैं उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं। मैं, आज, सभी देशवासियों की तरफ से, हमारे इन वीर जवानों के साथ-साथ, उन वीर माताओं को भी नमन करता हूं, जिन्होंने, मां भारती के सच्चे सपूतों को जन्म दिया। इसके साथ ही पीएम मोदी ने द्देष के होनहार विद्यर्थियीं से भी बात की और उनका मनोबल बढ़ाया.

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