राज्य सरकारें शराब की होम डिलीवरी पर विचार करें : सुप्रीम कोर्ट
संवाददाता/in24 न्यूज़.
लॉकडाउन में शराब की बिक्री को लेकर विवादों का बाज़ार गर्म हो चुका है. हालांकि पूरे देश में शराब की दुकानें खोली जा चुकी हैं. महाराष्ट्र में जब शराब के लिए लॉकडाउन की धज्जियां उड़ने लगीं तब मुंबई महानगर पालिका के आयुक्त को शराब की दुकानें बंद करवानी पड़ीं. बहरहाल, सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर शराब की दुकानें बंद करने की मांग की गई थी. इस पर सुप्रीम कोर्ट ने इंकार कर दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने शराब की दुकानें बंद करने से इंकार करते हुए राज्य सरकारों से कहा है कि सामाजिक दूरी बनाए रखने के लिए वो शराब की अप्रत्यक्ष बिक्री यानि कि होम डिलीवरी पर विचार करें. दरअसल, याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि शराब की दुकानों में सामाजिक दूरी का पालन नहीं हो रहा है. याचिका में कहा गया था कि देश में शराब की दुकानें कम हैं लेकिन शराब खरीददार ज्यादा हैं. इस लिए इन लोगों की वजह से आम आदमी की जिंदगी को खतरे में नहीं डाला जा सकता. सुप्रीम कोर्ट में गृहमंत्रालय के उस गाइडलाइन को चुनौती दी गई थी, जिसमें देश में जारी लॉकडाउन के दौरान शराब की बिक्री को अनुमति दी गई थी. याचिकाकर्ता ने अपनी याचिका में कहा कि ये गाइडलाइन असंवैधानिक और शून्य है. इसे संज्ञान में लेकर सुप्रीम कोर्ट शराब की बिक्री पर रोक लगाए. हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने शराब की दुकानों को बंद करने को लेकर कोई भी आदेश जारी करने से इंकार कर दिया है. फिलहाल दुकानों पर शराब बिकती रहेंगी.