राष्ट्रपति ने स्वास्थ्यकर्मियों पर हमला के खिलाफ अध्यादेश को मंजूरी दी
संवाददाता/in24 न्यूज़.
अब स्वास्थ्यकर्मियों पर हमला एक संगीन अपराध माना जाएगा. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कोविड-19 महामारी से लड़ रहे स्वास्थ्यकर्मियों पर हिंसा के कृत्यों को संज्ञेय और गैर-जमानती अपराध बनाने वाले एक अध्यादेश को बुधवार को अपनी मंजूरी दे दी। महामारी रोग अधिनियम, 1897 में संशोधन करने वाला इस अध्यादेश में स्वास्थ्यकर्मियों को पहुंचे जख्म तथा संपत्ति को नुकसान पहुंचाने या उसे नष्ट करने के लिए मुआवजे की व्यवस्था की गयी है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि राष्ट्रपति ने इस अध्यादेश की उद्घोषणा के लिए अपनी मंजूरी दे दी। अध्यादेश के अनुसार ऐसी हिंसक कृत्य करने या उसमें सहयोग करने पर तीन महीने से पांच साल तक कैद और 50 हजार से लेकर दो लाख रूपये तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है। गंभीर चोट/जख्म पहुंचाने पर दोषी को छह माह से लेकर सात साल तक कैद की सजा होगी और एक लाख से लेकर पांच लाख रूपये तक उस पर जुर्माना लगेगा। इसके अलावा अपराधी को पीड़ित को मुआवजा भरना होगा तथा उसे संपत्ति को पहुंचे नुकसान के लिए उसके बाजार मूल्य का दोगुणा का भुगतान करना होगा। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने महामारी के दौरान स्वास्थ्य कर्मियों तथा संपत्ति की रक्षा के लिए महामारी रोग (संशोधन) अध्यादेश 2020 की उद्घोषणा को मंजूरी दी है. बतादें हाल हीं में कोरोना वारियर्स बने चिकित्साकर्मियों पर लगातार हमले की कई घटनाएं सामने आईं थी। इंदौर, मेरठ, अलीगढ़ और मुरादाबाद में डॉक्टर्स पर जानलेवा हमले किये गये जिसको देखते हुए डॉक्टर्स के राष्ट्रीय संगठन की ओर से गुरवार को विरोध प्रदर्शन का फैसला लिया गया था।