स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा के लिए यह अध्यादेश हमारी प्रतिबद्धता दर्शाता है : पीएम मोदी
संवाददाता/in24 न्यूज़.
अपने नए ट्वीट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लिखा है कि स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा के लिए यह अध्यादेश हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है. बता दें कि देश में कोविड-19 के दौरान स्वास्थ्यकर्मियों पर हो रही हिंसा को लेकर केंद्र सरकार एक अध्यादेश लाई है। अध्यादेश के जारी होने पर प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट किया है कि महामारी संशोधन अध्यादेश 2020 अग्रिम पंक्ति में खड़े होकर कोविड-19 से लड़ रहे स्वास्थ्य कार्यकर्ता को बचाने को लेकर हमारी प्रतिबद्धता की झलक दिखाती है। ये हमारे सभी पेशेवर लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा। गौरतलब है कि सरकार की तरफ से स्वास्थ्य कर्मचारियों के खिलाफ हिंसा को खत्म करने के लिए लाए गए अध्यादेश के तहत अगर इस मामले में किसी को दोषी पाया गया तो 6 महीने से लेकर 7 साल तक की कैद की सजा का प्रावधान है। केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावडेकर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि कैबिनेट ने स्वास्थ्य कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए ऑर्डिनेंस जारी करने का फैसला किया है। इसके लिए कैबिनेट ने एपिडेमिक डिसिजेज एक्ट (ईडीए) 1897 में अमेंडमेंट को मंजूरी दी। स्वास्थ्य कर्मचारियों के खिलाफ हिंसा करना संज्ञेय और गैरजमानती अधराध की श्रेणी आएगा। वहीं केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा है कि प्रधानमंत्री मोदी की सरकार उन लोगों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है जो इन चुनौतीपूर्ण समय के दौरान भारत की रक्षा कर रहे हैं। हमारे डॉक्टरों और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के खिलाफ हिंसा को समाप्त करने के लिए अध्यादेश लाना उसी का प्रमाण है। यह उनकी सुरक्षा और गरिमा को सुनिश्चित करने में एक लंबा रास्ता तय करेगा। गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने स्वास्थ्यकर्मियों पर हमलों के खिलाफ अध्यादेश जारी किया है। इसमें मेडिकल टीम पर हमला करने पर 3 महीने से 5 साल की सजा और 50,000 से 2 लाख रुपए तक का जुर्माना होगा। अगर गंभीर नुकसान हुआ है तो 6 महीने से 7 साल की सजा का प्रावधान और जुर्माना 1 लाख से 5 लाख रुपए है।