हमें अपने छात्रों को 21वीं सदी की स्किल्स के साथ आगे बढ़ाना है : पीएम मोदी
संवाददाता/in24 न्यूज़.
शिक्षा ही मनुष्य को संस्कारवान और जानकार बनाती है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति- 2020 के तहत 21वीं सदी में स्कूली शिक्षा पर एक सम्मेलन में हिस्सा लिया. इस दौरान शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल भी उपस्थित रहे. पीएम मोदी ने कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति नए भारत की, नई उम्मीदों की, नई आवश्यकताओं की पूर्ति का माध्यम है. इसके पीछे पिछले चार-पांच वर्षों की कड़ी मेहनत है, हर क्षेत्र, हर विधा, हर भाषा के लोगों ने इस पर दिन रात काम किया है. लेकिन ये काम अभी पूरा नहीं हुआ है. पीएम ने कहा कि कुछ दिन पहले शिक्षा मंत्रालय ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू करने के बारे में देश भर के शिक्षकों से MyGov पर उनके सुझाव मांगे थे. एक सप्ताह के भीतर ही 15 लाख से ज्यादा सुझाव मिले हैं. ये सुझाव राष्ट्रीय शिक्षा नीति को और ज्यादा प्रभावी तरीके से लागू करने में मदद करेंगे. हमें एक वैज्ञानिक बात समझने की जरूरत है कि भाषा शिक्षा का माध्यम है, भाषा ही सारी शिक्षा नहीं है. जिस भी भाषा में बच्चा आसानी से सीख सके, वही भाषा पढ़ाई की भाषा होनी चाहिए. पीएम मोदी ने यह भी कहा कि हमारे देश भर में हर क्षेत्र की अपनी कुछ न कुछ खूबी है, कोई न कोई पारंपरिक कला, कारीगरी, प्रोडक्ट्स हर जगह के मशहूर हैं. स्टूडेंट्स उन करघों, हथकरघों में दौरा करें, देखें आखिर ये कपड़े बनते कैसे हैं? इससे विद्यार्थियों की जिज्ञासा और जानकारी भी बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि हमें अपने छात्रों को 21वीं सदी की स्किल्स के साथ आगे बढ़ाना है. 21वीं सदी की स्किल्स क्रिटिकल थिंकिंग, क्रिएटिविटी, कोलैबोरेशन, क्यूरोसिटी और कम्युनिकेशन होगी. जाहिर है कि पीएम मोदी की प्रेरणा शिक्षा जगत को एक नई ऊंचाई प्रदान करेगी.