हिमाचल में भू स्खलन से नौ की मौत और महाराष्ट्र में 149 की मौत
संवाददाता/in24 न्यूज़।
भारी बारिश की वजह से हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में रविवार को भारी भूस्खलन के दौरान टेंपो सवार यात्रियों पर भारी पत्थर गिरने से नौ पर्यटकों की मौत हो गई और एक स्थानीय निवासी सहित तीन अन्य घायल हो गए. हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि आज किन्नौर में भूस्खलन के दुख हादसे में 9 लोगों की मृत्यु हुई है और 3 लोग घायल हुए हैं. मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये दिए जाएंगे और घायलों के इलाज़ के लिए हर तरह की संभव मदद की जाएगी. उधर महाराष्ट्र में बाढ़ और भूस्खलन सहित बारिश से संबंधित विभिन्न घटनाओं में कम से कम 149 लोगों की मौत हो गई, जबकि 25 जुलाई को 64 लोग लापता हो गए थे. अकेले रायगढ़ में 60, रत्नागिरी में 21, सतारा में 41, ठाणे में 12, कोल्हापुर में सात, उपनगरीय मुंबई में चार और सिंधुदुर्ग और पुणे में दो-दो लोगों की मौत हुई है. पश्चिमी महाराष्ट्र के प्रभावित जिलों से कुल 2,29,074 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है. किन्नौर के कमिश्नर आबिद हुसैन सादिक के मुताबिक़ यह घटना रविवार दोपहर को हुई जब हाल ही में हुई बारिश के कारण कई भूस्खलन हुआ, जिससे बटसेरी-सांगला मार्ग पर एक पुल गिर गया और वाहनों को नुकसान पहुंचा है. एक वायरल वीडियो में कथित तौर पर बोल्डर को नीचे की ओर लुढ़कते हुए दिखाया गया है, जिससे पुल ढह गया है. विशेष सचिव (राजस्व) सुदेश कुमार मोक्ता, जो राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के निदेशक भी हैं, ने कहा कि चितकुल गांव से सांगला की ओर जाते समय पत्थर उनके टेंपो पर गिर गए, जिससे नौ पर्यटकों की मौत हो गई. किन्नौर के पुलिस अधीक्षक सरजू राम राणा ने कहा कि सभी शव बरामद कर लिए गए हैं. पुलिस ने मृतकों की पहचान महाराष्ट्र की प्रतीक्षा सुनील पाटिल, छत्तीसगढ़ के अमोघ बापट और सतीश कटकबर, दिल्ली के उमराव सिंह और राजस्थान की दीपा शर्मा, कुमार उल्हर वेद पाठक, अनुराग बिहानी, माया देवी और ऋचा बिहानी के रूप में की है. तीन घायलों में दिल्ली के शिरिल ओबेरॉय, पंजाब के नवीन भारद्वाज और किन्नौर जिले के बटसेरी गांव निवासी रंजीत सिंह हैं. बटसेरी पंचायत प्रधान प्रदीप नेगी ने कहा “पहाड़ी की चोटी पर भूस्खलन की अत्यधिक संभावना है. हम पिछले दो दिनों से पहाड़ी की चोटी से पत्थरों का गिरना देख रहे हैं. कल भी, एक वाहन क्षतिग्रस्त हो गया था, लेकिन सौभाग्य से कोई घायल नहीं हुआ था. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों की मौत पर शोक जताया है. राष्ट्रपति कोविंद ने हिंदी में ट्वीट किया कि हिमाचल प्रदेश के किन्नौर में भूस्खलन में कई लोगों की मौत की खबर से गहरा दुख हुआ. शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदना हैं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि घायलों के इलाज के लिए सभी इंतजाम किए जा रहे हैं और मृतकों के परिजन को दो-दो लाख रुपये और घायलों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से 50,000 रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की गई है. हिमाचल के मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर, जो मंडी के तीन दिवसीय दौरे पर हैं, ने भी मौतों पर दुख व्यक्त किया और जिला प्रशासन से तत्काल राहत और बचाव अभियान सुनिश्चित करने को कहा है. बता दें कि भारी बारिश सबसे बड़ी वजह बताई जा रही है।