14 अप्रैल को देशव्यापी लॉकडाउन को हटाना संभव नहीं : पीएम मोदी
देश भर में कोरोना वायरस की महामारी को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 21 दिनों का लॉकडाउन करने की घोषणा की थी. 14 अप्रैल को लॉकडाउन समाप्त होने की अवधि है. मगर फ़िलहाल जिस तरह ये खतरनाक कोरोना वायरस लगातार पाँव पसारता जा रहा है ीासे में लॉकडाउन खत्म करना संभव नहीं लगता. बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कहा कि 14 अप्रैल को देशव्यापी लॉकडाउन को हटाना संभव नहीं होगा क्योंकि देश में कोरोना वायरस बीमारी के 5000 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं. प्रधानमंत्री ने राजनीतिक दलों के सांसदों के साथ मीटिंग में लॉकडाउन को लेकर बातचीत की. यह बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की गई थी और इसमें संसद में चार या अधिक सदस्यों वाले दलों के सदस्य शामिल थे. बैठक 14 अप्रैल को ख़त्म होने जा रहे लॉकडाउन को बढ़ाने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर थी. मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि सूत्रों का भी कहना है कि कोरोना वायरस मामलों की संख्या में तेजी के कारण सरकार लॉकडाउन जारी रखने के लिए कई राज्यों के अनुरोधों पर विचार कर रही है. वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से की गई इस बैठक में राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आज़ाद और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख शरद पवार शामिल थे. इस बैठक में शामिल अन्य सदस्यों में टीएमसी के सुदीप बंद्योपाध्याय, शिवसेना के संजय राउत, बीजेडी के पिनाकी मिश्रा, एनसीपी के शरद पवार, समाजवादी पार्टी के राम गोपाल यादव, शिरोमणि अकाली दल के सुखबीर बादल, बीएसपी के एससी मिश्रा, वाईएसआरसीपी के विजय साई रेड्डी और मिथुन रेड्डी और जदयू के राजीव रंजन सिंह शामिल थे.