ऑपरेशन सिंदूर पर सेना के बड़े खुलासे, एक्सपोज हुआ पाकिस्तान !
भारत और पाकिस्तान के बीच दो दिन तक चला संघर्ष शनिवार की शाम थम गया। जिसके बाद बारी थी इतने बड़े संघर्ष की असली कहानी सामने लाने की, क्योंकि जब तनाव और हमले अपने चरम पर थे तब पाकिस्तान ने कई बड़े-बड़े दावे किए जश्न मनाएं और दुनिया को ये बताने की कोशिश की कि उसने जंग जीत ली।
लेकिन जब रविवार की सुबह आई तो भारतीय सेना और भारतीय सेना के अधिकारियों ने दुनिया के सामने न सिर्फ पाकिस्तान के झूठ का पर्दाफाश किया बल्कि ये भी बताया कि भारतीय सेना आज विश्व पटल पर क्या क्षमता रखती है। दरअसल भारत और पाकिस्तान में एक बुनियादी फर्क है ये है कि भारत हकीकत मैं जीने वाला देश है जबकि पाकिस्तान ख्वाबों की दुनिया में ही खोया रहता है। भारतीय सेना ने ऐसे सबूत दिए हैं कि पाकिस्तान को एक बार फिर पूरी दुनिया में शर्मिंदा होना पड़ा है।
सीज फायर होने के बाद भारतीय सुरक्षा बलों ने ऑपरेशन सिंदूर से जुड़ी हर एक बड़ी जानकारी साझा की और पाकिस्तान में हुई तबाही के एक-एक सबूत दिए। प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारतीय थल सेना के महानिदेशक सैन्य अभियान यानी डीजीएमओ लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई, भारतीय वायु सेना के महानिदेशक वायु अभियान यानी डीजी एयर ऑप्स एयर मार्शल अवधेश कुमार भारती और भारतीय नौसेना के महानिदेशक नौसेना अभियान यानी डीजीएनओ वाइस एडमिरल एएन प्रमोद शामिल हुए।
सेना ने बताया कि इस अभियान के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर यानी पीओके में सक्रिय आतंकियों के खिलाफ सुनियोजित और सटीक कार्रवाई की गई। इस ऑपरेशन के दौरान सेना ने कुल 9 आतंकी कैंपों को ध्वस्त किया, जो आतंकवादियों के ट्रेनिंग, ठहरने और घुसपैठ की योजना बनाने के अड्डे थे।
भारतीय थल सेना के महानिदेशक सैन्य अभियान लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर का मकसद सिर्फ आतंकियों का खात्मा करना था। 100 आतंकियों को खत्म किया। इनमें तीन बड़े नाम मुदस्सर खार, हाफिज जमील और यूसुफ अजहर को ढेर किया गया। प्रेस कॉन्फ्रेंस में आतंकी ठिकाने उड़ाने के सबूत दिखाए गए। वहीं एयर मार्शल अवधेश कुमार भारती ने कहा कि भारतीय वायुसेना ने मुरीदके और बहावलपुर जैसे आतंकी ठिकानों पर हमला किया है।
ये दोनों स्थान अंतरराष्ट्रीय सीमा से काफी अंदर थे, इसलिए इन्हें चुनना रणनीतिक रूप से अहम था। इंडियन एयर फोर्स ने सटीक हमलों के लिए सैटेलाइट और इंटेलिजेंस आधारित टार्गेटिंग और प्रिसिशन म्यूनिशन का इस्तेमाल किया। वायुसेना के डायरेक्टर जनरल एयर ऑपरेशंस एयर मार्शल अवधेश कुमार भारती ने कहा कि भारतीय वायुसेना ने बेहद सावधानीपूर्वक केवल आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया और कोई भी नागरिक हानि नहीं होने दी।
पूरी योजना इस तरह बनाई थी कि सिर्फ आतंकी कैंपों पर सटीक वार किया जाए। एयर मार्शल एके भारती ने कहा कि भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के मुरिदके स्थित आतंकी शिविर को सटीक मिसाइल हमले में पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया। भारतीय वायुसेना के डीजी एयर ऑपरेशन्स एयर मार्शल एके भारती ने बताया कि 7 मई को पाकिस्तान द्वारा की गई गोलाबारी में भारत में कोई क्षति नहीं हुई, क्योंकि भारतीय वायु रक्षा प्रणाली पूरी तरह सक्रिय और सतर्क थी. हमारी एयर डिफेंस तैयारियों की वजह से पाकिस्तानी हमले से कोई नुक़सान नहीं हुआ. हमने हर संभावित खतरे को समय रहते निष्क्रिय कर दिया।
एयर मार्शल एके भारती ने बताया कि 8 और 9 मई की रात लगभग रात 10:30 बजे से पाकिस्तान की ओर से भारत के शहरों की ओर ड्रोन, यूएवी और यूसीएवी छोड़े गए। लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने पाकिस्तान सेना द्वारा हुए नुकसानों पर अपनी स्थिति स्पष्ट की, उन्होंने कहा कि मैंने पहले ही लाइन ऑफ कंट्रोल पर पाकिस्तान के 35 से 40 सैनिकों के हताहत होने की बात की थी। जब ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया गया, तो पाकिस्तान सेना ने भारतीय सेना और भारतीय सशस्त्र बलों के बुनियादी ढांचे को भी टारगेट किया।
उन्होंने कहा कि हमारे सभी पायलट सुरक्षित लौटे हैं। हालांकि ऑपरेशन सिंदूर में हमारे 5 जवान शहीद हुए हैं। भारतीय वायुसेना के डायरेक्टर जनरल एयर ऑपरेशंस एयर मार्शल एके भारती ने कहा कि भारत ने पाकिस्तान पर वहां हमला किया जहां उसे सबसे ज्यादा चोट पहुंचे। उन्होंने बताया कि एक तेज़, समन्वित और संतुलित जवाबी हमले में हमने पाकिस्तान के वायुसेना अड्डों, कमांड सेंटर्स, सैन्य ढांचों और एयर डिफेंस सिस्टम्स को पूरे पश्चिमी मोर्चे पर निशाना बनाया। भारतीय हमलों में चकलाला, रफीक और रहीम यार खान जैसे अहम एयरबेस शामिल थे। इसके बाद सरगोधा, भुलारी और जैकबाबाद जैसे अन्य प्रमुख सैन्य ठिकानों पर भी हमले किए गए। आपको बता दें कि सेना ने इन हमलों के सबूत भी दिए है।
भारतीय नौसेना के डायरेक्टर जनरल नेवल ऑपरेशन्स वाइस एडमिरल ए.एन. प्रमोद ने बताया कि पहलगाम हमले के बाद भारतीय नौसेना की कैरियर बैटल ग्रुप, सतह से लड़ने वाली यूनिट्स, पनडुब्बियां और नौसैनिक विमानन संसाधन युद्ध की पूरी तैयारी के साथ समुद्र में तैनात कर दिए गए। उन्होंने बताया कि आतंकी हमले के 96 घंटों के भीतर अरब सागर में कई हथियार परीक्षणों के दौरान हमने अपनी रणनीति और संचालन प्रक्रियाओं को परखा और बेहतर किया। भारतीय नौसेना की ताकतवर मौजूदगी ने पाकिस्तान को उसकी नौसेना और वायुसेना को बंदरगाहों और तटीय इलाकों तक सीमित रहने को मजबूर कर दिया, जिन्हें लगातार मॉनिटर किया गया।
वाइस एडमिरल प्रमोद ने कहा कि हमारी जवाबी कार्रवाई संयमित, संतुलित, गैर-उत्तेजक और जिम्मेदार रही है। हमने ऐसे ठिकानों को लक्ष्य बनाने की तैयारी कर रखी थी, जिन पर ज़रूरत पड़ने पर हमला किया जा सके, जिनमें कराची भी शामिल था। एयर मार्शल एके भारती ने कहा कि भारत का उद्देश्य दुश्मन को करारा जवाब देना था, न कि बॉडी बैग्स गिनना। उन्होंने कहा कि हमने जो भी तरीके और साधन चुने, उनका दुश्मन पर अपेक्षित प्रभाव पड़ा। कितने मारे गए? कितने घायल हुए? ये गिनती करना हमारा काम नहीं है। हमारा लक्ष्य था दुश्मन के ठिकानों को निशाना बनाना, बॉडी बैग गिनना नहीं।
कुल मिलाकर इस ऑपरेशन में पाकिस्तान को गहरी चोंट पहुंची है जो हमेशा याद रखेगा। जो पाकिस्तान कुछ दिन पहले बड़ी बड़ी बातें कर रहा था वो आज शर्मिंदगी महसूस कर रहा है। क्यों की भारत ने ऐसे सबूत दिए हैं जो पाकिस्तान को पूरी दुनिया में एक्सपोज़ कर रहे हैं। भारत ने वो शर्मिंदगी दी जो पाकिस्तान की तारीख में याद रहेगी। क्यों की भारत ने पाकिस्तान के आतंकी अड्डों और सैन्य ठिकानों को मलबे में तब्दील किया है बल्कि अब दुनिया के सामने पक्का सबूत भी रख दिया है। जिसका असर ये है कि पाक की बची खुची इज्जत भी तार तार हो गई।