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पाकिस्तान गई सुनीता जामगडे को पुलिस ने किया गिरफ्तार

30 May, 2025 276

नागपुर की रहने वाली 43 वर्षीय महिला सुनीता जामगडे को दो जून तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया गया है, बता दें कि सुनीता कुछ दिनों पहले अपने बेटे को छोड़कर एलओसी के उस पर पाकिस्तान चली गई थी। वहीं कुछ दिनों बाद पाकिस्तानी अधिकारियों ने उसे भारत को वापस सौंप दिया था। जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।  उन पर ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट के उल्लंघन का आरोप है।

पुलिस का कहना है कि सुनीता एलओसी पार करके पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर  में चली गई थीं। वहीं अब खबर है कि गिरफ्तारी के बाद सुनीता ने पुलिस को बताया कि जमानत मिलने के बाद वह पाकिस्तान वापस जाना चाहती है। पुलिस इस मामले को जासूसी से जोड़कर देख रही है। 

नागपुर के एक मजिस्ट्रेट ने आधी रात के बाद अपने घर पर ही सुनीता की गिरफ्तारी का आदेश दिया था। आपको बता दें कि नागपुर की सुनीता जामगड़े अपने 12 वर्षीय बेटे के साथ कारगिल घूमने आई थी, लेकिन 14 मई को अचानक एक होटल से बेटे को अकेला छोड़कर लापता हो गई थी। इस घटना ने सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया था। 

सुनीता जामगडे नागपुर के कपिल नगर की रहने वाली हैं। महिला ने पहले भी दो बार बॉर्डर पार करने की कोशिश की थी, जिनमें से एक हालिया कोशिश अमृतसर के अटारी बॉर्डर पर हुआ था। पुलिस के मुताबिक, सुनीता ने पहले पंजाब के सीमावर्ती इलाकों की यात्रा की और फिर कश्मीर होते हुए कारगिल पहुंची। 

9 मई को वह अपने बेटे के साथ कारगिल पहुंची और वहां के एक होटल में रुकी हुई थी। इसके बाद 14 मई की शाम को उसने अपने बेटे को होटल में अकेला छोड़ निकली, लेकिन वह वापस नहीं लौटी। वहीं  स्टाफ ने इसकी सूचना पुलिस को दी। फ़िलहाल बेटे को बाल कल्याण समिति की कस्टडी में रखा गया है। नागपुर पुलिस के डीसीपी निकेतन कदम ने बताया कि पाक रेंजर्स ने महिला को बीएसएफ को सौंपा है। 

अमृतसर पुलिस को इस संबंध में सूचना मिली, जिसे नागपुर पुलिस तक पहुंचाया गया। सुनीता जामगड़े पहले नर्स का काम करती थीं। उसे गुरुवार को नई दिल्ली से ट्रेन में आने के बाद हिरासत में ले लिया गया। नागपुर पुलिस की चार सदस्यीय टीम ने अमृतसर पुलिस से जामगड़े को हिरासत में लिया।  

टीम मंगलवार रात उसे ट्रेन से लेकर अमृतसर से दिल्ली गई और बुधवार देर रात नागपुर पहुंची। सुनीता को शनिवार को अटारी-वाघा सीमा के जरिए पाकिस्तानी अधिकारियों ने वापस भेज दिया था, जिसके बाद पंजाब के अमृतसर में पुलिस ने जामगड़े के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। मजिस्ट्रेट ए. यू. मोटे ने आधी रात के तुरंत बाद पुलिस को सुनीता को गिरफ्तार करने की अनुमति दी।  साथ ही, उन्हें परडी पुलिस स्टेशन में सीसीटीवी की निगरानी में रखने का आदेश भी दिया। 

फ़िलहाल सुनीता को 2 जून तक पुलिस रिमांड पर रखा गया है। उन पर ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट के उल्लंघन का आरोप है। डीसीपी निकेतन कदम ने कहा कि जामगड़े को अमृतसर में दर्ज जीरो प्राथमिकी के आधार पर गिरफ्तार किया गया है। एफआईआर कपिल नगर पुलिस थाने में स्थानांतरित कर दी गई है। पुलिस अधिकारी उससे पाकिस्तान में रहने वाले व्यक्तियों के साथ उसके संबंधों के बारे में पूछताछ करना चाहते हैं, जिनके साथ वह कथित तौर पर कई महीनों से संपर्क में थी। पुलिस अधिकारी ने कहा कि वे विशेष रूप से यह पता लगाना चाहते हैं कि उसने जुल्फिकार और पास्टर सहित पाकिस्तानी नागरिकों के साथ किस तरह की जानकारी साझा की है। 

पुलिस सूत्रों की यदि माने तो सीमा पार रहने के बाद सुनीता के हौसले बुलंद हैं और वह बार-बार अपने बयान बदल रही हैं। अब वह कह रही है कि जमानत मिलने के बाद वह पाकिस्तान वापस चली जाएगी। पूछताछ में सुनीता ने बताया कि वह नौकरी ढूंढने और नागपुर लौटने के लिए पैसे कमाने के लिए सीमा पार गई थीं। उनका कहना है कि वह पाकिस्तान में अस्पताल में नौकरी करना चाहती थी।
डीसीपी निकेतन कदम ने बताया कि पुलिस को सुनीता का मोबाइल फोन मिला है। फोन को फॉर्मेट किया गया था और उसमें एक संदिग्ध ऐप भी इंस्टॉल्ड था। फोरेंसिक टीम डिलीट किए गए डेटा को निकालने की कोशिश कर रही है। इसके अलावा, पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या उनके फोन में कोई जासूसी सॉफ्टवेयर था या नहीं। 

हालांकि महिला की मानसिक स्थिति पर भी सवाल उठ रहे हैं। दरअसल उसकी मां निर्मला जामगडे ने पुलिस को बताया कि बेटी मानसिक रूप से अस्थिर है और उसका इलाज चल रहा है। लेकिन पुलिस इस बात का पता लगाने में जुटी हुई है कि कहीं महिला द्वारा सीमा पार करना जासूसी या किसी अन्य संगठित गतिविधि का हिस्सा तो नहीं है। 

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