हज से लौटने के बाद फराह पूरी तरह बदल गईं विंदू दारा सिंह का पूर्व पत्नी से तलाक और पिता की सलाह पर बड़ा खुलासा
बॉलिवुड अभिनेता विंदू दारा सिंह ने अपनी पहली पत्नी और मशहूर अभिनेत्री फराह नाज के साथ टूटी शादी को लेकर बड़ा खुलासा किया है। एक साक्षात्कार में अपनी निजी जिंदगी पर खुलकर बात करते हुए विंदू ने बताया कि किस तरह शादी के कुछ सालों बाद दोनों के रिश्तों में दूरियां आने लगीं और कैसे फराह का हज यात्रा से लौटना उनके रिश्ते का टर्निंग प्वाइंट साबित हुआ। इसके साथ ही उन्होंने अपने पिता और महान पहलवान दारा सिंह द्वारा दी गई उस सलाह को भी याद किया, जिसे उन्होंने प्यार के जुनून में नजरअंदाज कर दिया था।
विंदू दारा सिंह और अभिनेत्री तब्बू की बड़ी बहन फराह नाज ने साल 1996 में शादी की थी। उस समय विंदू और फराह के बीच धर्म कभी कोई मुद्दा नहीं रहा। विंदू ने बताया कि उनके परिवार में हमेशा से ही सभी धर्मों का सम्मान किया जाता रहा है और उनके पिता दारा सिंह हमेशा कहते थे कि 'हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई—सब भाई-भाई हैं।' हालांकि, जब विंदू ने फराह से शादी करने की इच्छा जताई थी, तब दारा सिंह ने उन्हें आगाह करते हुए कहा था कि हिंदू-मुस्लिम शादियां बेहद कठिन होती हैं और अंत में जाकर अक्सर चीजें बिगड़ने लगती हैं। उस समय प्यार में डूबे विंदू ने अपने पिता की बात को यह कहकर टाल दिया था कि उनके साथ ऐसा कुछ नहीं होगा।
शादी के शुरुआती सालों का जिक्र करते हुए विंदू ने बताया कि फराह बहुत ही आजाद ख्याल की थीं और यहां तक कि सिगरेट भी पिया करती थीं। जब विंदू ने उनसे सिगरेट छोड़ने का आग्रह किया, तो फराह ने शर्त रखी कि अगर वे उन्हें हज यात्रा पर भेज दें, तो वे सिगरेट पीना छोड़ देंगी। विंदू ने खुशी-खुशी उनके लिए हज की पूरी तैयारी करवाई। लेकिन विंदू के मुताबिक, हज से वापस आने के बाद फराह के स्वभाव और आदतों में अप्रत्याशित बदलाव आ गया। वे अचानक बेहद ज्यादा धार्मिक हो गईं, जिसके चलते दोनों के बीच वैचारिक मतभेद और तनाव बढ़ने लगे।
विंदू का मानना है कि जब रिश्ते की शुरुआत किसी अलग ढर्रे पर होती है और बाद में साथी अचानक अत्यधिक धार्मिक हो जाता है, तो आपसी तालमेल बैठाना बेहद मुश्किल हो जाता है। धीरे-धीरे दोनों के बीच दबाव इतना बढ़ गया कि 2002 में उन्होंने आपसी सहमति से अलग होने (तलाक लेने) का फैसला कर लिया। विंदू ने स्वीकार किया कि उनके पिता दारा सिंह की सलाह बिल्कुल सही थी और बच्चों को अपने माता-पिता के अनुभव और चेतावनियों को कभी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। हालांकि, विंदू को इस शादी से कोई अफसोस नहीं है क्योंकि इस रिश्ते से उन्हें उनका बेटा फतेह मिला, जिससे वे बेहद प्यार करते हैं। आज भी दोनों के बीच किसी तरह की कड़वाहट नहीं है और वे अपने बेटे के बेहतर भविष्य के लिए एक-दूसरे के संपर्क में रहते हैं।