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मशहूर अभिनेता मनोज कुमार का निधन

04 Apr, 2025 209

देशभक्ति वाली फिल्में मतलब मनोज कुमार। 15 अगस्त और 26 जनवरी पर बजने वाले देशभक्ति गीतों को याद करेंगे तो ज्यादातर में मनोज कुमार मिलेंगे। इसी के चलते बॉलिवुड में वह 'भारत कुमार' के नाम से मशहूर हो गए। भारत का रहने वाला हूं, भारत की बात सुनाता है। 1970 में आई मनोज कुमार की फिल्म पूरब और पश्चिम का ये देशभक्ति सालों बाद भी हर किसी की पसंद माना जाता है। सिंगर महेंद्र कपूर की आवाज और मनोज की अदाकारी की शानदार जुगलबंदी ने हर किसी के दिल को जीत लिया था। इस गीत की तरह आज से मनोज भी सिर्फ एक याद की तरह रह जाएंगे, क्योंकि 87 साल की उम्र में उन्होंने इस दुनिया को अलविदा कह दिया है। मुंबई के धीरूभाई अंबानी हॉस्पिटल में उन्होंने आखिरी सांस ली।   


देखने में काफी हैंडसम मनोज कुमार का असली नाम हरिकृष्ण गोस्वामी था। एक राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और सात फिल्मफेयर अवॉर्ड अपने नाम करने वाले मनोज कुमार को बचपन से ही एक्टिंग का शौक था। बॉलीवुड में उन्होंने 1957 में आई फिल्म "फैशन" से डेब्यू किया था । हालांकि इस फिल्म से उन्हें ज्यादा नोटिस नहीं किया गया लेकिन इसके बाद आई उनकी फिल्में कांच की गुड़िया और हरियाली और रास्ता ने उन्हें रातों-रात बड़ा स्टार बना दिया। लेकिन 1965 में आई फिल्म "शहीद" में भगत सिंह का किरदार निभाकर वो सफलता के शीर्ष पर पहुंच गए और यहां से बदली उनकी छवि। 

मनोज कुमार के निधन के मौके पर उनसे जुड़े किस्से और कहानियों को लेकर खूब चर्चा हो रही है। आखिर उनको 1965 के बाद से हिंदी सिनेमा का भारत कुमार क्यों कहा जाता था और वो कौन सी फिल्म थी, जिससे अभिनेता को ये उपाधि मिली। आजादी के बाद भारतीय सिनेमा का दौर बदल रहा था। दारा सिंह जैसे कई अभिनेता एक्शन फिल्मों की तरफ आगे बढ़ रहे थे तो दूसरी तरफ दिलीप कुमार, देव आनंद और राज कपूर जैसे कलाकारों ने रोमांटिक फिल्मों को महत्त्व दिया जा रहा था। 

इसके कुछ समय बाद बॉलीवुड में मनोज कुमार की एंट्री होती है, जो शुरुआत में इसी लीक की मूवीज में काम करते दिखे। लेकिन फिर उनके जहन में देशभक्ति फिल्मों का विचार आया और साल 1965 में आई शहीद उनकी पहली देशभक्ति फिल्म रही, जिसमें उन्होंने देश की आजादी के लिए अपनी जान की कुर्बानी देने वाले शहीद भगत सिंह का किरदार निभाया। बॉक्स ऑफिस पर फिल्म अच्छी चली और मनोज ने देशभक्ति फिल्मों की लीक को आगे बढ़ाने का फैसला लिया। समय बदलता गया और लेकिन मनोज बैक टू बैक देशभक्ति की मिसाल कायम करने वाली फिल्मों के जरिए दर्शकों का मनोरंजन करते हुए आगे बढ़ रहे थे, जिसकी वजह से वह फिल्म इंडस्ट्री में भारत कुमार कहलाए।   

बता दें कि मनोज कुमार ने अपने करियर में यूं तो एक से बढ़कर एक हिट फिल्म दी थी। लेकिन उनकी सबसे सफल फिल्म के बारे में जिक्र किया जाए तो उसमें 1967 में आई फिल्म उपकार का नाम जरूर शामिल होगा। इस फिल्म से मनोज की किस्मत रातों-रात बदल गई। उपकार की कहानी और गाने ऑडियंस को खूब पसंद आई। इस फिल्म में भारत के किसान के संघर्ष को दिखाया गया था और इस मूवी के बाद से ही मनोज को सिनेमा का भारत कुमार कहा जाने लगा।
 

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