अब बिना बबुआ के चुनाव लड़ेंगी बुआ जी
संवाददाता/in24 न्यूज़.
उत्तर प्रदेश में महागठबंधन में दरार पड़ गई है. यही कारण है कि अब बुआ मायावती बिना बबुआ बसपा सुप्रीमो मायावती ने सोमवार को दिल्ली के सेंट्रल ऑपिस में जोनल अधिकारियों, जीत कर आए सांसदों और विधायकों के साथ बैठक की. सूत्रों के मुताबिक समीक्षा बैठक में मायावती नाखुश नजर आईं. क्योंकि जिस तरह से गठबंधन के जीतने की उन्हें उम्मीद थी. उस तरह उन्हें जीत हासिल नहीं हुई थी. चुनाव के बाद महागठबंधन में दरार आने लगी है. बहुजन समाज पार्टी उत्तर प्रदेश में होने वाले उपचुनाव में अकेले लड़ेगी. फिलहाल मीटिंग में ऐसी किसी बात को लेकर चर्चा नहीं हुई लेकिन बसपा सुप्रीमो ने कार्यकर्ताओं को तैयार रहने के लिए कहा है. लोकसभा चुनाव 2019 में उत्तर प्रदेश से 11 विधायकों ने चुनाव में जीत हासिल की और सांसद बने. इनकी खाली सीटों पर छह माह के भीतर चुनाव होंगे. इस 11 सीटों में से सपा के एक और बसपा के एक विधायक जीतकर संसद पहुंचे हैं. जलालपुरसे बसपा के विधायक रितेश पांडेय अंबेडकरनगर से चुने गए हैं. रामपुर से सपा के आजम खान सांसद बने हैं. बसपा ने गठबंधन के बाद 38 सीटों पर चुनाव लड़ा था. जिसमें से 10 सीटों पर उसे जीत हासिल हुई. जबकि 37 सीटों पर चुनाव लड़ने वाली सपा के खाते में महज पांच सीटें ही मिली हैं.