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एनसीपी राष्ट्रीय कार्यकारिणी की आज दिल्ली में बैठक, शरद पवार पार्टी नेताओं को जुटाने की करेंगे कोशिश

06 Jul, 2023 1138
संवाददाता/in24 न्यूज़।
 
महाराष्ट्र में जारी सियासी संकट के बीच राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष शरद पवार ने आज दिल्ली में एनसीपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक बुलाई है. इस बैठक में देश के विभिन्न हिस्सों से पार्टी के नेताओं के शामिल होने की उम्मीद है. महाराष्ट्र में पार्टी के टूटने के बाद शरद पवार इस बैठक के जरिए एनसीपी के नेताओं को एकजुट करने की कोशिश करेंगे। बता दें कि एनसीपी पर कब्जे के लिए पहले शक्ति परीक्षण में अजित पवार ने बढ़त हासिल की है. दो जुलाई को एनसीपी में दो फाड़ होने के बाद बुधवार को दोनों गुटों ने अपनी ताकत दिखाने के लिए अलग- अलग बैठक की. अजित पवार गुट की बैठक में एनसीपी के कुल 53 में से 32 विधायक शामिल हुए वहीं शरद पवार गुट की बैठक में 16 विधायक तीन विधान परिषद सदस्य और 4 सांसद शामिल हुए. पार्टी और चुनाव चिन्ह पर दावेदारी को लेकर दोनों गुट चुनाव आयोग पहुंच गए हैं.
 
         अजित पवार गुट ने अपने समर्थन में 40 से अधिक विधायकों और सांसदों के हलफनामे दिए हैं. एनसीपी नेता छगन भुजबल ने कहा विधान परिषद के कई सदस्यों ने भी हमारे पक्ष में हलफनामा दिया है. शक्ति प्रदर्शन के बाद अजित पवार गुट के लिए शरद पवार ने कहा था कि कार्यकर्ताओं ने कष्ट झेला है उसके बाद उनके अच्छे दिन आए हैं. जिस विचारधारा का विरोध किया उनके साथ जाना योग्य नहीं है. हमारा चुनाव चिन्ह कहीं नहीं जाएगा, ना हम उसे कहीं जाने देंगे। उनकी बैठक में आपने देखा होगा कि पीछे मेरी तस्वीर लगी है उन्हें पता है कि 'मेरे बिना उनका सिक्का ना तो चलेगा, ना ही खनकेगा' जो लोग और पार्टी कार्यकर्ता हमें सत्ता में लाए वह हमारे साथ हैं मैं सत्ता में जरूर नहीं हूं लेकिन मैं अपने लोगों और राज्य की जनता के बीच हूं।
 
        शक्ति प्रदर्शन से एक दिन पहले शरद पवार ने अजीत गुट पर निशाना साधते हुए कहा कि राजनीति में आज संवाद खत्म हो गया है. राजनीति में अगर कुछ गलत हो रहा है तो नेताओं को वह बात सुननी चाहिए। संवाद रखना होता है संवाद ना हो तो देश में अस्वस्थता आती है. कुछ अनुचित हो रहा है. तो उसे दुरुस्त करना होता है संकट बढ़ा है. हमें बहुत आगे जाना है। प्रधानमंत्री ने कहा था कि राकांपा ने 70 करोड़ का घोटाला किया है. यह आरोप बेबुनियाद है. एक तरफ आप हमारी पार्टी के नेताओं पर आरोप लगाते हैं फिर 2 दिन पहले आपने हमारी ही पार्टी के नेताओं को महाराष्ट्र की सरकार में मंत्री क्यों बनाया।
 

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