कानून के तहत हो सकता है राममंदिर का निर्माण - जस्टिस चेलमेश्वर
संवाददाता/ in24न्यूज़। मुंबई-
लोकसभा में कानूनी प्रक्रिया से तहत सुप्रीम कोर्ट के फैसले को बदलकर अयोध्या में राममंदिर निर्माण किया जा सकता है.एकदिवसीय मुंबई दौरे पर आये सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज जस्टिस चेलमेश्वर ने यह बात कही ऐसे कई उदाहरण का हवाला देते हुए जस्टिस चेलमेश्वर ने कहा कि अदालत में मामला विचाराधीन होने के बाद भी सरकार राम मंदिर बनाने के लिए कानून बना सकती है. शुक्रवार को कांग्रेस से जुड़े संगठन ऑल इंडिया प्रोफेशनल्स कांग्रेस के कार्यक्रम में शामिल परिचर्चा में जस्टिस चेलमेश्वर एक सवाल के जबाब में बोल रहे थे जिसमे पूछा गया था कि क्या मौजूदा हालात में राममंदिर का निर्माण हो सकता है इस पर उन्होंने कहा कि इसका एक पहलू है कि कानूनी तौर पर यह संभव है। दूसरा है कि यह होगा (या नहीं)। ऐसे कई मामले हैं जो पहले हो चुके हैं, इनमें विधायी प्रक्रिया ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले में रुकावट पैदा की थीजस्टिस चेलमेश्वर ने सुप्रीम कोर्ट का आदेश बदलने के लिए कर्नाटक के कावेरी जल विवाद और राजस्थान, पंजाब और हरियाणा के बीच जल विवाद से जुड़े मामलों का भी जिक्र किया उन्होंने कहा कि इन मुद्दों को लेकर पहले ही खुला रुख अपनाना चाहिए था। यह (राम मंदिर पर कानून) संभव है.वहीं राममंदिर निर्माण पर आक्रामक भूमिका निभाते हुए आरएसएस के सहकार्यवाहक भैयाजी जोशी प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सरकार को चुनौती देते हुए कहा कि अयोध्या विवाद में सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी से हिंदू समाज अपमानित महसूस कर रहा है जिसे संघ बर्दास्त नहीं कर सकता उन्होंने कहा कि संघ परिवार को राम मंदिर के लिए 1992 की तरह आंदोलन करने में कोई हिचक नहीं होगी रिटायर्ड जस्टिस चेलमेश्वर का बयान ऐसे वक्त आया है जब संघ परिवार ने राम मंदिर के लिए 1992 जैसा आंदोलन करने और कानून बनाकर सरकार से जमीन अधिग्रहण करने की बात कही है.