कोरोना की बढ़ती महामारी से पीएम मोदी ने चिंता जताई
संवाददाता/in24 न्यूज़.
कोरोना वायरस ने जिस तरह मौत का खेल शुरू किया है उसमें भरी संख्या में लोग संक्रमित हुए और अपनी जान गंवाई। इससे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बेहद चिंतित हैं. भारत में कोरोना वायरस संक्रमितों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। यह आंकड़ा अब 17 हजार के पार पहुंच गया है। सरकार द्वारा एंडीबॉडी जांच की दर बढ़ाए जाने के बाद लगातार छठे दिन कोरोना वायरस संक्रमण के 1000 से ज्यादा नए मामले सामने आए। देश में एक दिन में संक्रमण के 1,712 नए मामले आने के साथ संक्रमित लोगों की संख्या 17,000 के पार पहंचने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कोविड-19 महामारी सभी को समान रूप से प्रभावित करती है और किसी को निशाना बनाने से पहले कोई जाति, धर्म, पंथ, रंग, भाषा या सीमा को नहीं देखती। उन्होंने कहा कि ऐसे में हमारी प्रतिक्रिया और आचरण में एकता एवं भाइचारे को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे में इस लड़ाई में हम सभी साथ हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस संकट ने कितना कुछ बदल दिया है। किसी ने जैसा सोचा नहीं होगा, वैसी परिस्थितियां पैदा हो गई हैं। लिंक्डइन पर अपने लेख ‘कोविड-19 के समय में जीवन' में प्रधानमंत्री ने लिखा कि (अंग्रेजी वर्णमाला के) पांच स्वर अक्षरों ‘ए, ई, आई, ओ और यू' पर आधारित क्रमशः एडेप्टेबिलिटी (अनुकूलता), इफिशिएंसी (दक्षता), इन्क्लूसिविटी (समावेशिता), अपार्च्युनिटी (अवसर) और यूनिवर्सलिज्म (सार्वभौमिकता) के जरिए नए कारोबार और कार्य संस्कृति को आगे बढ़ाना चाहिए। पीएम मोदी ने कहा कि मैं इन स्वर अक्षरों का न्यू नॉर्मल कहता हूं क्योंकि अंग्रेजी भाषा में स्वर अक्षरों की तरह ही ये भी कोविड-19 के बाद की दुनिया के नए कारोबारी मॉडल के अनिवार्य अंग बन जाएंगे।